
ऊना। जिले के एक नर्सिंग कालेज की दो दर्जन से अधिक छात्राएं पिछले दो दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि उनके खाने में लगातार कीड़े मकोड़े परोसे जा रहे हैं और शिकायत करने के बावजूद कालेज प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। लड़कियों ने मेस ठेकेदार पर मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप भी लगाया है।
नर्सिंग कालेज की छात्राओं का आरोप है कि उन्हें निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। छात्राओं ने बताया कि लगभग ढाई महीने से मेस में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है । छात्राओं में शिखा, अमर ज्योति, ज्योति, ज्योति बाला, मीनाक्षी, बबीता, अंशु, कविता, ललिता, शिवानी, वनीता, कौशल्या, मोनिका, आशा, कृृष्णलता, सविता, अंजू, दीपिका, नीतिका और सविता आदि ने आरोप लगाया कि खाने में अक्सर कॉक्रोच, सफेद रंग के कीडे़ और सिर के बाल पाए जा रहे हैं। मेस के जिन बर्तनों में खाना परोसा जाता है, उनकी सफाई भी ठीक तरीके से नहीं होती है। मेस संचालकों को इस संदर्भ में सूचित किया गया तो उन्होंने उन्हें धमकी दी। उनका आरोप है कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया जाता है । छात्राओं ने बताया कि कालेज प्रबंधन को न केवल शिकायत ही की गई बल्कि खाना भी उनके समक्ष रखा गया था, लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
हड़ताली छात्राओं ने कालेज प्रबंधन पर मेस संचालकों को संरक्षण देने के आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिन से मेस बंद करने के बावजूद कालेज प्रबंधन ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। छात्राओं ने ऐलान किया है कि जब तक मेस का ठेकेदार बदला नहीं जाता, तब तक वह मेस में खाना नहीं खाएंगी।
उधर, कालेज के प्रबंधक ने बताया कि वह इस समय आवश्यक कार्य से राज्य से बाहर हैं। उन्हें मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही इसकी छानबीन कराई जाएगी। छात्राओं को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
