
कुल्लू। विश्व के सबसे बड़े देवी-देवता के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव पर भगवान नरसिंह की जलेब परंपरा अनुसार चानणी से निकाली गई। इसमें जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी के अधिष्ठाता देवता खुडीजल, व्यास ऋषि, भुझारी कोट, टकरासी नाग, चोतरू नाग आदि देवी-देवताओं के देव रथों ने इस भव्य शोभायात्रा में भाग लिया। इस दौरान भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह पालकी में विराजमान रहे। सबसे आगे घोड़ी और उसके पीछे तमाम देवी-देवताओं के वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ चली महेश्वर सिंह पालकी और दोनों ओर सोने चांदी के आभूषणों से सुसज्जित देवरथों ने जलेब यात्रा को भव्य बना दिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर देवताओं संग सैकड़ों देवलु कुल्लवी गीतों के साथ नाचते गाते आगे बढ़े। राजा की चानणी से आरंभ होने वाली यह जलेब क्षेत्रीय अस्पताल से होकर करीब एक किमी की परिधि से होकर दशहरा में आए समस्त देवी देवताओं के अस्थायी शिविरों से होकर गुजरी। कडे़ सुरक्षा घेरे के बीच जलेब अस्पताल से होकर कालेज गेट, भारतीय स्टेट बैंक तथा कलाकेंद्र से गुजरते हुए ऐतिहासिक दशहरा ग्राउंड स्थित चानणी में पहुंची। जलेब को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
