नगर परिषद में मिलाने का विरोध

धर्मशाला। नगर परिषद धर्मशाला में शामिल किए जाने के विरोध में स्थानीय पंचायतों के तेवर तलख हो गए हैं। अमूमन सभी पंचायतें नगर परिषद में शामिल किए जाने का विरोध कर रही हैं। सोमवार को मंत पंचायत के बाशिंदाें ने जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी और नप में शामिल किए जाने का विरोध किया। ग्रामीण एडीएम राकेश शर्मा से मिले और उन्हें नप में शामिल न किए जाने की मांग की।
लोगों का कहना है कि मंत पंचायत के नप में शामिल होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चल रही विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा। साथ ही पंचायत में अधिकतर लोग कृषि व गैर कृषि कार्यों में संलग्न हैं। नगर परिषद में आने से किसी भी रूप में भारी भरकम टैक्स अदा करना पड़ेगा। इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। लोगों का कहना है कि मौजूदा समय में पंचायतों में जो सुविधाएं मिल रही हैं, उनसे वे संतुष्ट हैं। जिला परिषद सदस्य प्रेम सागर, उप प्रधान अनूप लता, पंचायत प्रतिनिधि अनीश, विपन कटोच, अजय, कैलाश, कमला, दर्शन, रीना, शारदा, शिव चरण, शीतल, राजेंद्र, केशव, कौशल समेत पूर्व प्रतिनिधि युद्धवीर सिंह और ललित डोगरा समेत बड़ी संख्या में लोगों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी।

विचार करे सरकार
वहीं, प्रेम सागर और युद्धवीर सिंह का कहना है कि स्थानीय दाड़ी, बड़ोल, शामनगर आदि पंचायतें भी नप में शामिल होने का विरोध जता रही हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को इस निर्णय पर विचार करना चाहिए।

यह है मामला
सभी पंचायतों के प्रतिनिधि जल्द ही एकत्र होकर इस मुद्दे पर बैठक करेंगे। योल के पास तक के इलाके को धर्मशाला नगर परिषद में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। इसका अधिकतर पंचायतें विरोध कर रही हैं।

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