
नई दिल्ली । राजधानी में बाढ़ से करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान खादर इलाके में खेती करने वाले किसानों को हुआ है। खेतों में तैयार फसल डूब चुकी है। सबसे ज्यादा परेशान फूलों की खेती करने वाले किसान हैं। यमुना किनारे मयूर विहार, उस्मानपुर पुश्ता एक से दो, बदरपुर खादर, सभापुर चौहान, सादतपुर, गढ़ीमांडू, बुराड़ी, जगतपुर गांव, राजघाट पुश्ता, गीता कॉलोनी पुश्ता खादर के वो इलाके है जहां बड़ी संख्या में किसान मौसमी सब्जियां लगाने के साथ नर्सरी का काम करते हैं। बाढ़ के कारण यह इलाके जलमग्न हो चुके हैं।
मयूर विहार खादर में नर्सरी लगाने वाले की मानें तो अकेले उसके 20-22 लाख रुपये के पौधे खराब हो गए। इस इलाके में इतने बड़े स्तर नर्सरी करने वाले इनके जैसे एक दर्जन से ज्यादा लोग हैं। इसके अलावा इस इलाके में सब्जियों की खेती भी बर्बाद हो चुकी है। वहीं मॉनेस्ट्री में काफी भारी मात्रा में कपड़े, वाहन और जलमग्न हुए ट्रकों में लदा माल, विकास कार्यों और अन्य संपत्तियों को भारी क्षति पहुंची है।
