
मलोखर (बिलासपुर)। द कोहिनूर सर्वहितकारी परिवहन एवं सहकारी सभा के कार्यालय को रातोंरात शिफ्ट करने के मामले में शनिवार को सभा के कार्यवाहक प्रधान, सचिव और प्रबंधन समिति के सदस्यों के बयान कलमबद्ध किए गए। लखनपुर स्थित सहायक पंजीयक एवं सहकारी सभाएं के कार्यालय में पूरी प्रबंधन समिति को तलब किया गया था। शनिवार दोपहर तक पूछताछ का दौर चलता रहा। सहकारी सभाएं के निरीक्षक ने सभा के रिकार्ड को भी पूरी तरह से खंगाला है। राजस्व से जुडे़ कुछ दस्तावेज भी उन्होंने अपने कब्जे में लिए। हालांकि कार्यालय के विवाद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया।
लगभग 420 ट्रकों वाली कोहिनूर सभा का भडे़तर स्थित कार्यालय फरवरी के अंतिम सप्ताह अचानक खाली हो गया था। आरोप है कि दफ्तर रातोंरात बदल दिया गया था। जिस पर कुछ ऑपरेटरों ने विरोध जताया था। मामले की छानबीन के लिए सहायक पंजीयक सभाएं ने इस मामले में कार्यवाहक प्रधान सहित पूरी प्रबंधन कमेटी को नोटिस जारी कर बिलासपुर तलब किया था। शनिवार को लखनपुर स्थित सहायक पंजीयक एवं सहकारी सभाएं के निरीक्षक ने सभा के कार्यवाहक प्रधान, सचिव समेत सभा की प्रबंधन समिति से जुडे़ कुल नौ सदस्यों से पूछताछ की गई। गौरतलब है कि सभा का कार्यालय शिफ्ट करने को लेकर कुछ ऑपरेटरों ने प्रस्ताव पारित करते हुए कार्यवाहक प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पारित किया था। शनिवार को हुई जांच में सहायक पंजीयक एवं सहकारी सभाएं से आए निरीक्षक ने तमाम दस्तावेजों को खंगाला। उन्होंने बारी-बारी सभी से पूछताछ भी की। सीता राम ने बताया कि पूरा रिकार्ड चेक करने के बाद उन्होंने सचिव को वापस दिया है, जबकि राजस्व से संबंधित दस्तावेज अपनी रिपोर्ट के साथ लगाए हैं। सोमवार को रिपोर्ट सहायक पंजीयक आरएल खजूरिया को सौंपी जाएगी।
