
ऊना। जिला ऊना में आलू की फसल तैयार है। इन दिनों पटाई का काम जोरों पर है। आलू के सौदे के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों के आढ़तियों ने ऊना में डेरा डाल लिया है। कई आढ़ती तो किसानों के खेतों में जाकर ही फसल का सौदा कर रहे हैं। हरोली विधानसभा क्षेत्र जिले का सर्वाधिक आलू उत्पादक क्षेत्र है। पिछले साल फसल के निकलते ही 1400 रुपए प्रति 50 किलो का भाव था। अक्तबूर माह के अंत तथा नवंबर माह के शुरुआती दौर में 1500 से 1600 रुपये तक प्रति 50 किलो के भाव से आलू बिका। लेकिन मध्य नवंबर माह में आलू के दाम गिरकर 900 रुपये प्रति 50 किलो तक पहुंच गए हैं।
देश की राजधानी दिल्ली की मंडी में ऊना के आलू को खासा भाव मिलता है। तीन माह की फसल होते ही आलू उत्पादक अपनी फसल को निकालना शुरू कर देते हैं। पटाई के साथ ही किसानों, व्यापारियों और ट्रक मालिकों की कमाई का समय भी शुरू हो गया है, जो लगभग एक महीने तक चलता रहेगा। क्षेत्र के किसानों में नरेश कुमार, देव कुमार, जगतार सिंह, प्रभात सिंह, अश्विनी कुमार, करनैल सिंह, भजन सिंह, जोेगेंद्र सिंह, सुशील कुमार, अमित कुमार, कु लदीप कुमार, सोमनाथ, रामस्वरूप, रणजीत सिंह, अमन कुमार, रौनक लाल, प्यारा लाल, बिंटू ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार फसल का भाव सही है। कई किसानों ने कीमतों में इजाफे की उम्मीद को लेकर फसल का भंडारण शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि हो सकता है आने वाले दिनों में कीमत बढ़ जाए। कृषि उत्पाद विपणन समिति के सचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंडियों में भी आलू आ रहा है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले व्यापारी भी मंडियों से आलू खरीद रहे हैं।
