दो मासूमों को आंगन से उठा ले गया तेंदुआ

गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। पहाड़ पर तेंदुओं का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गंगोलीहाट के देवतुगभुनार गांव और बलीगांव में शनिवार को तेंदुए एक बच्ची और एक बच्चे को आंगन से उठा ले गए। घंटों तलाश के बाद बच्ची का क्षत विक्षत शव घर से पांच सौ मीटर दूर मिला तो बच्चे का शव पचास मीटर दूर खेत में मिला। ग्रामीणों ने आदमखोर को मारने की मांग की है।
देवतुंगभुनार निवासी मनोज राम की पुत्री अर्चना (4) शनिवार शाम अन्य बच्चों के साथ आंगन में खेल रही थी। शाम करीब छह बजे घात लगाकर बैठा तेंदुआ अर्चना को उठाकर ले गया। बच्चों के चीखने-चिल्लाने के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए के पीछे दौड़ लगाई लेकिन वह झाड़ियों में गुम हो गया। क्षेत्रीय युवक समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र महरा ने प्रशासन और वन विभाग को घटना की सूचना दी। रात करीब आठ बजे राजस्व उप निरीक्षक भगवती प्रसाद पंत, राजस्व कर्मी धनी लाल, लछम सिंह, वन विभाग के उप वन क्षेत्राधिकारी दिनेश उप्रेती, वन कर्मी बृजमोहन पंत, मदन राम, महिपाल सिंह, कमलेश सिंह, शेर सिंह आदि मौके पर पहुंचें और ग्रामीणों के साथ बच्ची की खोजबीन की। रात करीब 10 बजे घर से पांच सौ मीटर दूर गधेरे में बच्ची का क्षत विक्षत शव मिला। तेंदुए ने बच्ची के कमर से नीचे का हिस्सा खा लिया था। शव को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। वन विभाग ने मृतका के परिजनों को तात्कालिक सहायता के रूप में पांच हजार रुपये दिए हैं।
उधर, गंगोलीहाट से ही करीब पांच किमी दूर बलीगांव में कक्षा दो का छात्र प्रियांशु (7) पुत्र पूरन राम आंगन में खेल रहा था। तभी उस पर भी तेंदुए ने हमला बोल दिया। फिर लहुलूहान बच्चे को तेंदुआ अपने साथ ले गया। बच्चे का शव घर से करीब 50 मीटर दूर खेत से बरामद हुआ। गांव के किशन राम ने प्रशासन को घटना की जानकारी दी। वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। एसडीएम अनुराग आर्य ने बताया कि सोमवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।

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