
आनी (कुल्लू)। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आनी सुनीश अग्रवाल के न्यायालय ने दो विभिन्न मामलों में सात लोगों को दोषी करार देते हुए कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों को जुर्माना भी अदा करना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सहायक न्यायवादी पृथ्वी सिंह नेगी ने बताया कि पहले मामले में निरमंड के एक गांव की नाबालिग ने 2005 में निरमंड थाना में चरमेण गांव के बधु राम और रमेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि जब वह स्कूल से अपने दादा के घर जा रही थी तो उपरोक्त दोनों ने उसका रास्ता रोका और चाकू दिखाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगे। जब वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी तो दोनों भाग गए। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए आईपीसी की धारा 354 के तहत एक साल की साधारण जेल और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 324 के तहत एक साल की साधारण जेल और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 341 के तहत पांच सौ रुपये जुर्माना और धारा 506 के तहत एक हजार रुपये जुर्माना तथा सभी धाराओं के तहत जुर्माना न देने पर सात दिन की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
वहीं, दूसरे मामले में पटेल कंपनी के प्रोजेक्ट प्रबंधक की रात में गाड़ी रोक कर धक्कामुक्की करने और जान से मारने की धमकी देने का दोषी करार देते हुए कोर्ट ने निरमंड के बायल गांव के बीर सिंह, पूर्ण चंद, हितेश कुमार उर्फ बिजू, जय प्रकाश उर्फ रिंकू और विनोद कुमार को आईपीसी की धारा 147-1 के तहत दो-दो माह की साधारण जेल, धारा 506 के तहत एक-एक हजार रुपये जुर्माना और धारा 341 के तहत पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना देने की सजा तथा जुर्माना न देने की हालत में सात-सात दिन के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
