
ऊना। मुख्यमंत्री से ऊना वासियों को कई उम्मीदें हैं। ऊना में 90 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक बस अड्डा बनना है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय वीरभद्र सिंह ने इसका नींव पत्थर रखा था। 2012 में विस चुनाव से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने दोबारा इसका शिलान्यास कर डाला। एक कंपनी को निर्माण कार्य सौंपे जाने की भी बात कही लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ।
मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र फेस टू की स्थापना क ो लेकर भी 2007 में वीरभद्र सिंह ने घोषणा की थी। काम शुरू न होने से उद्योगपति-बेरोजगार मायूस हैं। रामपुर से हरोली के लिए बनने वाले पुल का भी पूर्व में वीरभद्र सिंह ने शिलान्यास किया था। काम आज तक शुरू न हुआ। केंद्र के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से ऊना में सेज की स्थापना को लेकर भी ऊना को मुख्यमंत्री से उम्मीद है। प्रवास के दौरान मंदली लठियाणी पुल, चिंतपूर्णी डेवलपमेंट प्लान, बरसात आंधी से लोगाें को हुए नुकसान का मसला, अंब मैहतपुर मार्ग निर्माण में देरी, भटोली कालेज, अंब को नपं बनाने, ऊना में लटकी हुई सीवरेज योजना, दौलतपुर को सब तहसील बनाने, गगरेट में आईटीआई की मांग, अंब और गगरेट को जोड़ने वाले टकारला पुल समेत अन्य कई मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष उठाए जा सकते हैं। अश्वनी मर्डर केस, करलूही रेप एंड मर्डर केस और महंत सिंगारा राम मर्डर केस पर भी मुख्यमंत्री जांच प्रगति पर पूछ सकते हैं। नांदेड़ साहिब रेल को ऊना तक चलाने की बजटीय घोषणा के बाद इसे पूरा न किए जाने का मसला भी ऊना के लोग मुख्यमंत्री के समक्ष उठा सकते हैं।
हवाई अड्डे की भी हुई थी घोषणाएं
पिछले दस वर्षों में कई बार वीरभद्र सिंह और प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने ऊना में हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर घोषणाएं की। केंद्र से इस मसले पर बातचीत का भी हवाला दिया। आज तक हवाई अड्डा तो दूर बस अड्डा भी नहीं बन सका।
हो रहा है समान विकास
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वरिंद्र धर्माणी ने कहा कि कांग्रेस समान विकास करवा रही है। लटकी योजनाओं के लिए भाजपा उत्तरदायी है। कांग्रेस इन्हें भी पूरा करेगी।
केसों में व्यस्त है सरकार
भाजपा के जिलाध्यक्ष बलवीर बग्गा ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य एजेंडा विकास नहीं, बल्कि मामले दर्ज कराना है। विकास छोड़ सरकार इसी में उलझी हुई है।
