
मैहतपुर (ऊना)। ऊना जिला के गांव अप्पर देहलां के वार्ड नंबर एक दो, तीन तथा चार तक फैलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य गांव के दूसरे वार्डों में डायरिया की बीमारी को फैलने से रोकना है। लिहाजा इस बात को मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है और उन्हें निशुल्क दवाइयां तकसीम करने की मुहिम छेड़ दी है। इस बीच शुक्रवार को हालांकि डायरिया से पीड़ित को नया केस तो नहीं आया लेकिन जो पहले से बीमार है उनका उपचार जारी है।
शुक्रवार को तकरीबन तीन दर्जन मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाया गया और करीब पांच दर्जन से ज्यादा मरीजों को दवाइयां दी गई। देहलां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डाक्टर सुरेश शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। शुक्रवार को सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपचार को आए मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाने की नौबत इसलिए आई क्याेंकि उन्हें दस्त तथा उल्टियों की शिकायत हो गई थी। प्रकाशोदेवी, कमला देवी, राजेन्द्र, कुलदीप, व्यासदेव, सतपाल, विनोद कुमार, जगदेव, गुरदीप कौर समेत कई अन्य मरीजों ने शुक्रवार को भी पीएचसी पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। सूत्रों ने बताया कि डायरिया के कारण पीएचसी में दवाइयों का अतिरिक्त कोटा मंगवाया गया है ताकि मरीजों को निशुल्क दवाइयां वितरित की जा सकें। सूत्रों के मुताबिक पीएचसी में अपना उपचार करवा रहे मरीजों के अलावा दर्जनों मरीज निजी क्लीनिकों में इलाज करवा रहे हैं।
उपचार करवा रहे मरीजों ज्ञानकौर, गुरदीप कौर, राजेन्द्र कुमार, सतपाल तथा विनोद ने बताया अगर गांव की पीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न होती तो उनकी जान भी जा सकती थी।
