
कुल्लू। देव धुनों में विदेशी पर्यटक खो गए हैं। देव धुनों से विदेशियों को अजब सा सुकून मिल रहा है। विदेशी पर्यटक अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देव समागम की धुनें वीडियो कैमरों में कैद कर रहे हैं। विदेशी पर्यटक दशहरा उत्सव के पल-पल को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के भव्य मिलन के बारे में विदेशी पर्यटक गहन जानकारी हासिल कर रहे हैं। देव कारकूनों उन्हें पूरी जानकारी दे रहे हैं। भव्य देव समागम में जहां भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में हाजिरी भरने के लिए देवी-देवताओं का हुजूम उमड़ रहा है, वहीं सात समंदर पार से विदेशी पर्यटक भी यहां माथा टेक रहे हैं। देव उत्सव में पहुंचे रूस और साइबेरिया के डेविन, मालदवियन, डेसिस और चेचियन ने बताया कि इससे पहले उन्होंने कुल्लू का अनूठा देव समागम पत्र-पत्रिकाओं में छपे फोटो चित्र में देखा था। इस बार वे खुद सात दिन तक दशहरा उत्सव को अपने कैमरे में कैद करने आए हैं। राज परिवार का पहनावा यहां के देवी-देवता के समान है। दिल्ली से आए आशुतोष, विवेकना, सोनालिका का कहना है कि भगवान रघुनाथ संग यहां के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वरलहरियों उन्हें बहुत सुकून मिलता है। वे मंगलवार को बड़ी पूजा के दौरान यहां पहुंचे। उन्हें रघुनाथ जी की मूर्ति के दर्शन करने को मिले। वे आधा घंटे तक रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर में आसन पर बैठे।
