देव और मानस का हुआ अद्भुत मिलन

कुल्लू। ढोल-नगाड़े, नरसिंगे, करनाल और शहनाई की स्वरलहरियों की मधुर ध्वनि से रघुनाथ की नगरी ढालपुर गूंज उठी है। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते देवरथों को देखकर ऐसा लगा, मानो ढालपुर का पूरा वातावरण देवलोक में तबदील हो गया। दशहरा उत्सव के शुभारंभ पर ढालपुर मैदान में भव्य देव मिलन का अनोखा नजारा देखा गया। इस अलौकिक नजारे को देखकर यहां उमड़ी हजारों की भीड़ कौतूहल से भर उठी। माता हिडिंबा तथा देवता बिजली महादेव सहित करीब दो दर्जन देवी देवताओं ने भगवान रघुनाथ के दोनों ओर कतारबद्ध तरीके से रथयात्रा में भाग लेकर इस देव समागम की शोभा बढ़ाई। दोपहर बाद भगवान रघुनाथ रथ में सवार होकर ढालपुर में बने भव्य अस्थाई शिविर के लिए रवाना हुए। रघुनाथ का रथ जैसे ही उनके अस्थाई शिविर की ओर खींचा गया तो रथयात्रा में शरीक होने के लिए श्रद्धा और आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस शुभ अवसर पर देशी विदेशी सैलानियों ने भी भारी संख्या में भाग लिया। रथयात्रा के वक्त रथ मैदान में पुलिस बल का कड़ा पहरा रहा। सैकड़ों की तादाद में पुलिस बल के साथ ही खुफिया तंत्र भी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए था। विशेष रस्से से खींचे रघुनाथ के रथ को छूने के लिए भक्तों में होड़ सी लगी रही। करीब दो सौ मीटर तक चली इस भव्य व ऐतिहासिक रथयात्रा में भाग लेकर हजारों भक्तों ने पुण्य कमाया है। ढालपुर में अपने अस्थायी शिविर में पहुंचे भगवान रघुनाथ अगले सात दिनों तक विराजमान रहेंगे।

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