
नई दिल्ली। किशोरी को अगवा कर उससे दुष्कर्म और जबरन शादी करने वाले युवक को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। मामले में महिला सहआरोपी को भी पांच साल कैद की सजा मिली है।
कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टीआर नवल ने सुरेंद्र (28) को सात साल व 25 हजार रुपए जुर्माने जबकि बाला (48) को पांच साल कैद व 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इन पर जून 2006 में 14 साल वर्षीय किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने और फिर जबरन शादी करने का आरोप था।
अभियोजन के मुताबिक, किशोरी 30 जून 2006 की सुबह बाला के साथ गांधी नगर में फैक्ट्री में काम करने जा रही थी। उसने पीड़िता को सुरेंद्र के साथ मंदिर जाने के लिए कहा। लेकिन वह किशोरी को मंदिर ले जाने के बजाए मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) स्थित अपने घर ले गया। वहां ले जाकर उसने पीड़िता से दुष्कर्म के बाद जबरन शादी कर ली।
