
नई दिल्ली। द्वारका इलाके के एक फार्म हाउस में नाबालिग के साथ पांच बच्चों के पिता को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। दुष्कर्म करने वाला शख्स मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला है और पांच बच्चों का पिता है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विरेंद्र भट ने नंद कुमार (52) को दस साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी ने 25 फरवरी 2012 को द्वारका सेक्टर 23 थाना इलाके के एक फार्म हाउस में अकेली लड़की से दुष्कर्म किया था। पीड़िता का पिता माली की नौकरी करता था। दोषी भी पड़ोस के फार्म हाउस में नौकरी करता था। बचाव में दोषी ने तर्क दिया कि वह अकेला कमाने वाला है। उसकी पत्नी व पांच नाबालिग बच्चे हैं। उसके जेल जाने की हालत में वह सब भूखे मर जाएंगे। अदालत ने दोषी को सजा सुनाते हुए कहा कि दुष्कर्म के समय वह नशे की हालत में नहीं और उसने अपराध जानबूझकर किया।
दुष्कर्म के दोषियों को सात सात साल कैद
नई दिल्ली। दुष्कर्म के दो मामलों में तीस हजारी व कड़कड़डूमा जिला अदालत ने दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। एक मामला पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार व दूसरा उत्तर पूर्वी दिल्ली का है।
निहाल विहार में नाबालिग से हुए दुष्कर्म मामले में 45 वर्षीय आरोपी बद्री महतो को दोषी मानते हुए तीस हजारी अदालत ने सात साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार गुप्ता ने पीड़िता के बयान को भरोसेमंद मानते हुए अपना फैसला सुनाया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि, जब वह अपने घर के पास खेल रही थी तो बद्री उसे फुसलाकर नजदीक के एक पोल्ट्री फार्म में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। एक अन्य मामले में उत्तरपूर्वी दिल्ली क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी युवक को दोषी मानते हुए कड़कड़डूमा अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टीआर नवल ने आरोपी प्रशांत को कैद के साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माने की राशि में से दस हजार रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।
