
बड़सर(हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में खस्ता हालात में निजी सरायों का मामला गर्माता जा रहा है। हाल ही में एक निजी सराय का छज्जे गिरने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर न्यास प्रशासन व एसडीएम बड़सर द्वारा गठित कमेटी ने शुक्रवार को सरायों का जायजा लिया।
इस मौके पर लोनिवि एसडीओ बीएस सेन ने कहा कि प्रदेश में भूकंप का अंदेशा बना रहता है। तीन मंजिल भवन नियमों के अनुरूप नहीं है। सराय की 5 मंजिला इमारत जर्जर हालात में है और जगह-जगह दरारें पड़ी हुई हैं। सरायों के प्रबंधकों को इस बाबत कड़े कदम उठाने चाहिए। मंदिर के मंहत श्रीश्री 1008 महंत राजेंद्र गिरी ने कहा कि मंदिर क्षेत्र में सरायों के नाम पर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। सेवा के नाम पर श्रद्धालुओं से पैसा लिया जाता है। उल्टा नाममात्र की सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रशासन मात्र लुधियाना सराय तक ही सीमित न रहे। क्षेत्र में और भी सराय हैं जहां श्रद्धालुओं को समस्याएं पेश आती हैं। इनमें भी सुरक्षा के समूचे प्रबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सालों पहले बनी इन सरायों की जांच होनी चाहिए। अगर कोई सराए का भवन सुरक्षित नहीं है तो उसे असुरक्षित घोषित कर देना चाहिए। इस मौके पर कमेटी के सदस्य मंदिर अधिकारी सुरेश पटियाल, न्यासी केशव चंद मैहर, योग राज कालिया, पीडब्ल्यूडी बड़सर एसडीओ बीएस सेन, जेई ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर जाकर सराएं का जायजा लिया।
वहीं मंदिर अधिकारी सुरेश पटियाल का कहना है कि दियोटसिद्ध मंदिर में निजी सरायों का निरीक्षण किया गया है। इसकी एक रिेपोर्ट उच्चाधिकारियाें को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है।
