दिन के उजाले में भी जलती हैं स्ट्रीट लाइटें

कुल्लू। आर्थिक तंगहाली से जूझ रही कुल्लू नप इससे बाहर आने को खुद गंभीर नहीं। दिन के उजाले में जल रही स्ट्रीट लाइटें इसका उदाहरण पेश कर रही हैं। नगर परिषद पर पहले ही करीब पौने चार करोड़ का बिजली बिल बकाया है। स्ट्रीट लाइटें जली रहने से यह बकाया बढ़ता जा रहा है। सुबह छह बजे तक शहर के कई लोग रूटीन मार्निंग वॉक के बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान शहर की सभी स्ट्रीट लाइटें जल रही थी।
इस समय नगर परिषद कुल्लू भारी आर्थिक संकट से जूझ रही है और परिषद पर बिजली के करोड़ों के बिल बकाया हैं। पिछले माह बिजली बोर्ड इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कुछ दिन के लिए स्ट्रीट लाइटों की सप्लाई ही बंद कर दी थी। इससे शहर की सारी गलियां अंधेरे में डूब गई थी। उस समय किसी तरह यह मामला सुलझा लिया गया।
रविवार सुबह मार्निंग वॉक के लिए निकले अनिल कुमार, सुशील कुमार, ढालपुर चौक पर बस का इंतजार कर रहे किशोरी लाल, मोहर सिंह और लाल सिंह ने बताया कि करीब छह बजे भी स्ट्रीट लाइटें बंद नहीं हुई थी। एक ओर नप आर्थिक कंगाली का रोना रोती है तो दूसरी ओर फिजूलखर्ची बंद नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी से बिजली तथा पैसे की बचत की जा सकती है। नप अध्यक्ष ऋषभ कालिया का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें आन और आफ करना विद्युत बोर्ड का काम है और इस संबंध में विद्युत बोर्ड से कई बार शिकायत भी की गई है। विद्युत बोर्ड के एसई प्रवेश ठाकुर ने कहा कि एक कर्मचारी को शहर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर स्ट्रीट लाइटों को बंद करना पड़ता है। इस कारण से यह समस्या आन पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के हल के लिए बैठक में नगर परिषद को टाइमर लगाने का सुझाव दिया गया है।

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