दामों में गिरावट, बागवानों ने रोका सेब तुड़ान

कुल्लू। सेब की बंपर फसल के बीच बागवानों को भरान ने तगड़ा झटका दिया है। उत्पादकों को इस साल एक सेब की पेटी पर 55 रुपये अधिक देने पड़े रहे हैं। यह बीते सीजन के मुकाबले 10 रुपये अधिक है। एक दशक में सेब तुड़ान और भरान के रेट तीन गुणा बढ़े हैं। इस साल रिकार्ड करीब चार करोड़ सेब पेटियों के उत्पादन के चलते उत्पादकों को सेब पैकिंग के लिए पैकर तक नहीं मिल रहे।
ऐसे में बागवानों को सेब तुड़ान और भरान का अतिरिक्त पैसा चुकाना पड़ रहा है। सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए बागवानों को एक सेब पेटी पर 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। लिहाजा बंपर फसल के चलते किसानों पर 80 करोड़ का बोझ पड़ा है। वहीं सेब मंडियों में दाम लुढ़कने से बागवानों ने फिल्हाल 15 अगस्त तक तुड़ान रोक दिया है।
सेब फॉरवर्डिंग एजेंट एवं प्रगतिशील बागवान बिहारी लाल, शिमला जिला के ननखड़ी के प्रगतिशील बागवान अमृत सिंह मेहता, तेज राम आजाद तथा रमेश चंद ने कहा कि सेब तुड़ान और भरान पर महंगाई की मार पड़ी है। उन्हें एक पेटी की पैकिंग पर 50 से 55 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। आज से दस साल पूर्व 18 से 20 रुपये प्रति पेटी पैकिंग का खर्च आता था लेकिन इस बार उन्हें बीते साल की अपेक्षा 8 से 10 रुपये अधिक सेब पैकराें को देने पड़ रहे हैं। उन्हें एक पेटी पर 20 रुपये खर्च कर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। अमृत सिंह मेहता ने कहा मंडियों के सेब के दाम गिरने से उन्होंने 15 अगस्त तक सेब तुड़ान को रोक दिया है। सेब के दामों में जैसे ही उछाल आएगा तुड़ान आरंभ कर देंगे।

प्रति पेटी 600 रुपये की गिरावट
पिछले हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते सेब के दामों में 600 सौ रुपये प्रति पेटी की गिरावट आई है। पिछले हफ्ते 1800 से 2200 रुपये प्रति पेटी सेब बिक रहा था वहीं अब दाम गिरकर 1200 से 1600 रुपये तक पहुंच गए हैं। आने वाले समय में दामों में और गिरावट आने की संभावना है। बागवान सेब को उचित समय पर तैयार होने पर इसकी अच्छी ग्रेडिंग और पैकिंग करें। मंडियों में बागवानों को अच्छे दाम मिलेंगे।
प्रकाश कश्यप सचिव विपणन बोर्ड कुल्लू

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