
कुल्लू। देवभूमि कुल्लू में होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव के ठीक एक दिन पहले स्कूलों में दशहरा उत्सव की छुट्टियां खत्म होने का अभिभावकों ने विरोध किया है। लोगों का कहना है कि उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अंतिम दिन होने वाला लंका दहन ही होता है। लेकिन स्कूलों में दशहरा उत्सव की छुट्टियां इससे ठीक एक दिन पहले खत्म हो जाएंगी। इस कारण स्कूली बच्चे और अभिभावक तथा अध्यापक इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को देखने से वंचित हो जाएंगे।
दो सालों से यह छुट्टियां एक दिन पहले खत्म हो जा रही हैं। शिक्षा विभाग के छुट्टियों के इस शेड्यूल को लेकर छात्रों, अध्यापकों और अभिभावकों में रोष है। लोगों ने शिक्षा विभाग ने छुट्टियां बढ़ाने की मांग की है। जिले के स्कूलों में दशहरा पर्व पर एक सप्ताह की छुट्टियां पड़ती हैं जिसमें छात्र और अध्यापक दशहरा पर्व का लुत्फ उठाते हैं। छुट्टियां दशहरा पर्व से शुरू होने से लेकर लंका दहन तक होती थीं लेकिन दो सालों से शिक्षा विभाग का शेड्यूल गड़बड़ा रहा है।
अमन कुमार, शालू, सोनम और अंशिका का कहना है कि इस वर्ष वे लंका दहन नहीं देख पाएंगे। अभिभावक विवेक, सुरेंद्र कुमार और खेमचंद का कहना है कि बच्चों और अध्यापकों को दशहरा पर्व के इस महत्वपूर्ण आयोजन से वंचित रहना पड़ेगा। प्राथमिक अध्यापक संघ कुल्लू खंड-एक के प्रधान हरमेश लाल और महासचिव ओंकार शर्मा का कहना है कि इस फैसले से बच्चों, अध्यापकों और अभिभावकों में रोष है। अध्यापक संघ इस बारे में पहले भी मांग करता रहा है कि छुट्टियों का यह शेड्यूल पहले की भांति किया जाए। इसके अलावा अध्यापक संघ ने डीसी और निदेशक प्राथमिक शिक्षा विभाग तथा सचिव प्राथमिक शिक्षा से गुहार लगाई है कि इस मामले पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए।
