दवा उद्योग में झंडा गाड़ने पर बवाल

मैहतपुर (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र के एक दवा उद्योग में यूनियन नेताओं और प्रबंधन के बीच विवाद हो गया। झंडा गाड़ने को लेकर बवाल मचा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत करवाया। इधर, हड़ताल पर बैठे श्रमिकों को झटका लगा है। उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई जब, श्रमिकों के शोषण एवं श्रमिकों की प्रताड़ना के आरोपों को नकारते हुए उद्योग के अधिकतर कर्मचारी प्रंबधन के समर्थन में उतर आए। दूसरी ओर इंटक समर्थक तकरीबन आधा दर्जन श्रमिक नेताओं ने जब उद्योग के समक्ष यूनियन का झंडा गाड़ने की कोशिश की तो पुलिस अमले ने आकर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इसे लेकर लेकर स्थिति तनावपूर्ण बन गई। दलबल के साथ आए एसएचओ ऊना केएल बेरी, मैहतपुर चौकी प्रभारी प्रीतम जरयाल ने स्थिति का काबू किया। इंटक समर्थक श्रमिक नेताओं को झंडा गाड़ने की इजाजत नहीं दी। कारखाने के जीएम संदीप प्रभाकर, एचआर जेपी शर्मा तथा एमके नायर ने कहा कि उन्होंने किसी भी श्रमिक को नौकरी से हटाया नहीं है, बल्कि बिना किसी सूचना के कई कई महीनों तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। जिससे भड़ककर कुछ श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इनमें से चार से पांच लोग तो एक ही परिवार से हैं।
पिछले कई साल से दवा उद्योग में काम करने वाले नवीन शर्मा, आरती, राशि, राधू, नीता शर्मा, अनु, गौरव, अरुण कुमार, सुदेश, सचिन शर्मा, विक्रम ने बताया कि कुछ लोगों की वजह से उद्योग का शांत माहौल खराब हो रहा है।

झंडा नहीं गाड़ने देंगे: पुलिस
एसएचओ केएल बैरी ने कहा कि उद्योग प्रबंधन की शिकायत पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत करवाया है। कुछ श्रमिक नेता जबरदस्ती यूनियन का झंडा गाड़ना चाहते थे। इन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।

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