
भल्याणी (कुल्लू)। आधा दशक पूर्व आईपीएच विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर पाइपों के लिए स्पोर्ट पिल्लर तो खड़े कर दिए लेकिन पाइपें बिछाना भूल गया। ऐसे में आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। छह साल पूर्व करीब पांच लाख रुपये की लागत से महकमे ने इन स्पोर्ट पिल्लरों का निर्माण करवाया था लेकिन इन पिल्लरों पर पाइपें बिछाने की जहमत आज तक नहीं उठाई गई।
भड़ई के भंडारण टैंक से कुल्लू शहर के शीशामाटी भंडारण टैंक तक पेयजल पाईपों को इन स्पोर्ट पिल्लरों पर बिछाना प्रस्तावित था। लेकिन विभाग ने जगह-जगह सड़क किनारे पिल्लर खड़े करने के बाद आगे का कार्य अभी तक पूरा नहीं किया। आधा दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग इस योजना को सिरे नहीं चढ़ा पाया है। लोगों ने विभाग की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
स्थानीय निवासी प्रताप ठाकुर, किशोरी लाल ठाकुर, फतेह चंद, दिलेराम ठाकुर और दयानंद ने बताया कि सड़क पर बिछी पाइपों को सुरक्षित करने के मकसद से विभाग ने इन पिल्लरों का निर्माण छह साल पहले ही कर दिया था लेकिन आगे का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने कहा कि पिल्लर सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। इस योजना की फाइलें दफन होकर रह गई हैं। इसका विभाग को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आईपीएच महकमे के अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि पाइपें जल्द नहीं बिछाई गईं तो इसकी शिकायत आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स से की जाएगी।
जल्द करवाई जाएगी जांच
कुछ दिन पूर्व ही यहां का कार्यभार संभाला है। इसलिए इस विषय की उन्हें जानकारी नहीं है। ऐसा है तो वह इसे लापरवाही कहेंगे। इसकी जल्द जांच की जाएगी।
बीपी वैद्य अधीक्षण अभियंता आईपीएच कुल्लूभल्याणी (कुल्लू)। आधा दशक पूर्व आईपीएच विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर पाइपों के लिए स्पोर्ट पिल्लर तो खड़े कर दिए लेकिन पाइपें बिछाना भूल गया। ऐसे में आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। छह साल पूर्व करीब पांच लाख रुपये की लागत से महकमे ने इन स्पोर्ट पिल्लरों का निर्माण करवाया था लेकिन इन पिल्लरों पर पाइपें बिछाने की जहमत आज तक नहीं उठाई गई।
भड़ई के भंडारण टैंक से कुल्लू शहर के शीशामाटी भंडारण टैंक तक पेयजल पाईपों को इन स्पोर्ट पिल्लरों पर बिछाना प्रस्तावित था। लेकिन विभाग ने जगह-जगह सड़क किनारे पिल्लर खड़े करने के बाद आगे का कार्य अभी तक पूरा नहीं किया। आधा दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग इस योजना को सिरे नहीं चढ़ा पाया है। लोगों ने विभाग की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
स्थानीय निवासी प्रताप ठाकुर, किशोरी लाल ठाकुर, फतेह चंद, दिलेराम ठाकुर और दयानंद ने बताया कि सड़क पर बिछी पाइपों को सुरक्षित करने के मकसद से विभाग ने इन पिल्लरों का निर्माण छह साल पहले ही कर दिया था लेकिन आगे का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने कहा कि पिल्लर सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। इस योजना की फाइलें दफन होकर रह गई हैं। इसका विभाग को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आईपीएच महकमे के अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि पाइपें जल्द नहीं बिछाई गईं तो इसकी शिकायत आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स से की जाएगी।
जल्द करवाई जाएगी जांच
कुछ दिन पूर्व ही यहां का कार्यभार संभाला है। इसलिए इस विषय की उन्हें जानकारी नहीं है। ऐसा है तो वह इसे लापरवाही कहेंगे। इसकी जल्द जांच की जाएगी।
बीपी वैद्य अधीक्षण अभियंता आईपीएच कुल्लू
