तो किसको बींध जाएगा क्षेत्रवाद का तीर

कुल्लू। मंडी लोकसभा उपचुनाव के सियासी प्रचार में इस बार दोनों दलों के नेताओं ने क्षेत्रवाद को ही हथियार बनाए रखा। चुनावी जंग में क्षेत्रवाद का हथियार किसको कितनी काट देगा इसका फैसला अब जनता के हाथ में है। इसके अलावा लोस उपचुनाव में स्की विलेज का मामला भी गरमाया रहा। चुनाव में भ्रष्टाचार को लेकर भी दोनों दलों ने एक दूसरे पर जमकर तंज कसे। लेकिन जनता से जुड़े मुद्दे चुनावी सभाओं की शोभा नहीं बने। जिले की खस्ताहाल सड़कों पर न तो सत्ता पक्ष खुलकर बोला न ही विपक्ष ने इस पर कड़े प्रहार किए। यही नहीं कुल्लू जिले में बसों की कमी का मुद्दा भी गौण ही रहा। इस समस्या से जिले के सैकड़ों लोग परेशान हैं। स्टाफ की कमी के चलते कई रूटों पर बसें नहीं चलती। दर्जनों ऐसे गांवों है जहां अभी सड़कें नहीं पहुंच पाई हैं।
भाजपा के नेता कांग्रेस और वीरभद्र सिंह पर केवल रामपुर-रोहड़ू का विकास करने और कुल्लू तथा मंडी की अनदेखी का आरोप लगाते रहे। इसके अलावा कांग्रेस ने भाजपा पर हमीरपुर का विकास करने और वहां के लोगों को नौकरी देने के आरोप लगाए हैं। वीरभद्र सिंह का कहना है कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में पूरे प्रदेश में सिर्फ हमीरपुर का विकास किया। वहीं के युवाओं को नौकरी दी। जबकि कांग्रेस ने प्रदेश का एक समान विकास किया है।
उधर पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि और खीमी राम ने भी अपनी सभाओं में वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह पर रामपुर-रोहड़ू का विकास करने और मंडी-कुल्लू की अनदेखी करने के आरोप लगाएं हैं। इसके अलावा उपचुनाव में स्की विलेज, भ्रष्टाचार, देश की सुरक्षा आदि प्रमुख मुद्दे हैं। इसके अलावा मंडी लोकसभा उपचुनाव में दोनों दलों ने एक दूसरे पर जमकर व्यक्ति आरोप भी लगाए।

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