
नई दिल्ली। पिछले दो महीनों से आम जनता के बजट को बिगाड़ रही सब्जियों के दाम इस महीने भी नहीं घटने वाली है। मंडियों के आढ़ती मानते हैं कि, दामों में गिरावट की उम्मीद करना तब तक बेमानी है, जब तक कि बाजार में मौसमी सब्जियां नहीं आ जातीं। बरसात के बाद की मौसमी सब्जियों मसलन मटर, फूलगोभी, गाजर, पत्ता गोभी, पालक आदि के पर्याप्त रूप में आने में लगभग अभी तीन से चार हफ्तों का समय है।
आजादपुर मंडी के आढ़ती हुकूमत राय ने बताया कि, अभी एक पखवाडे़ तक सब्जियों के दामों में गिरावट की कोई गुंजाइश नहीं है। लेकिन सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसमी सब्जियों और कर्नाटक से लाल प्याज के पहुंचने पर दामों में कमी की पूरी-पूरी उम्मीद है। वहीं आढ़ती सुनील के अनुसार, दामों में निश्चित तौर पर कमी आएगी, लेकिन इस महीने के बाद। सितंबर में महंगाई का बोलबाला इसी तरह रहेगा।
प्याज अब भी 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। वहीं, भिंडी, फूलगोभी आदि के दाम पहले की तरह ही आसमान पर हैं। भिंडी 40, फूलगोभी 80, मटर 80, बींस 80 और हरी मिर्च 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहीं हैं। 10 रुपये किलो मिलने वाला सीताफल इस समय पर 20 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है। हालांकि बैंगन, टमाटर, अरबी, अदरक के दामों में कुछ कमी जरूर हुई है। टमाटर और बैंगन 30 रुपये वहीं अदरक 200 से घटकर 100 रुपये प्रति किग्रा मिल रही है।
