तेजी से बढ़ रहा है भ्रष्टाचार

नई दिल्ली। अदालत ने रेल रिश्वतकांड मामले में मुख्य अभियुक्त रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य महेश कुमार और पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला सहित सात अभियुक्तों को जमानत देने से इंकार कर दिया। सीबीआई के अधिवक्ता अक्षय विपिन के तर्कों को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि वर्तमान में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा है और सभी ने अपने दिमाग में यह बात बैठा ली है कि अच्छे संपर्क व सिफारिश से बिना योग्यता वाले को भी लाभ मिल सकता है। अदालत ने कहा कि इस सोच को बदलने की जरूरत है। अदालत ने बचाव पक्ष के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि मामले में आरोपपत्र दायर हो चुका है और उनके मुवक्किल 60 दिन से ज्यादा अवधि से जेल में हैं। कोर्ट ने कहा इस बात के भी पूरी संभावना है कि यदि आरोपियों को जमानत प्रदान की गई तो वे साक्ष्य प्रभावित कर सकते हैं। अत: वो आरोपी महेश, विजय सिंगला, मंजूनाथ, संदीप गोयल, सुधीश डागा, राहुल यादव व समीर संधीर के जमानत आवेदन को खारिज करते हैं।

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