
नई दिल्ली। डेंगू के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छर तेजी से अपना लार्वा फैलाता जा रहा है। बीते सप्ताह डेंगू ने 211 लोगों को अपना शिकार बनाया। सितंबर माह में डेंगू के 304 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि पिछले वर्ष सितंबर माह में डेंगू के 68 मामले ही सामने आए थे। हालांकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक दिल्ली में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। जबकि निजी और सरकारी अस्पताल में इस वर्ष अभी तक डेंगू से पांच मौतें हो चुकीं हैं।
सोमवार को दिल्ली नगर निगम की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया कि, बीते सप्ताह में डेंगू के कुल 211 मामले सामने आए। इस वर्ष अभी तक डेंगू के 466 मामले सामने आ चुके हैं। सबसे अधिक उत्तरी एमसीडी में 234 मामले, जिसमें 94 बीते सप्ताह। दक्षिणी एमसीडी में कुल 136 मामले, जिसमें 76 बीते सप्ताह, पूर्वी दिल्ली में कुल 49 मामले जिसमें 27 बीते सप्ताह। एनडीएमसी इलाके में 12, दिल्ली कैंट और रेलवे में एक-एक, उत्तर प्रदेश सात, 13 ऐसे मरीज थे जिनकी पहचान नहीं की जा सकी। साथ ही 13 ऐसे मरीज हैं जो अन्य राज्यों के हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया ने कहा कि, इस वर्ष डेंगू का वायरस ज्यादा खतरनाक है। पिछले वर्षों में डेंगू का डेन-1 और डेन-3 वायरस सक्रिय था। जबकि इस वर्ष डेन-2 वायरस ज्यादा सक्रिय है। मूलचंद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि डेन-2 ऐसा वायरस है जिसमें डेंगू मरीजों की मौत की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन डेंगू के सरकारी आंकड़ों पर संशय बरकरार है। अंबेडकर अस्पताल में डेंगू से मरीज की मौत के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि निजी और सरकारी दोनों ही अस्पताल एमसीडी को सही आंकड़ा नहीं दे रहे हैं।
