
नई दिल्ली। इंसान बाहर वालों से तो बच सकता है लेकिन अपने जानकार की मारने और लूटने पर आमादा हो जाएं तो कोई कैसे बचेगा। एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के दुलर्भतम मामले में अदालत ने तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। दोषियों ने घर में लूटपाट की कोशिश के दौरान एक बुजुर्ग महिला, एक किशोर व एक बच्चे की हत्या कर दी थी। अदालत ने दोषियों को सजा सुनाते हुए मामले को विरला बताते हुए कहा कि वारदात को बेहद जघन्य तरीके से अंजाम दिया।
कातिलों में से एक सुरेंद्र उर्फ कलवा वृद्धा के गांव सलेमपुरा थाना ककोड़ जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। रोहिणी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउन ने सुरेंद्र (32), बुलंदशहर निवासी विजय पाल (27) व गाजियाबाद निवासी वीरेंद्र (33) को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1.1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि में से तीन लाख रुपये मृतकों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। अभियोजन के मुताबिक यह जघन्य हत्याकांड रोहिणी के घर में हुआ था। बदमाशों ने इस वारदात में मृदुला किशोर (54) उनके बेटे राजेश किशोर (28) व उनके नौ वर्षीय पोते अंकित की बेरहमी से हत्या कर दी थी। सुरेंद्र मृतक मृदुला के गांव का रहने वाला था और बाकी दो अन्य बदमाश उसके संबंधी थे। तीनों बदमाश पांच फरवरी 2004 को मृदुला के घर गए थे और उसके साथ लंच किया था। इसके बाद हत्यारों ने गला घोंटकर व रेत कर घरवालों की हत्या कर दी थी। वारदात के समय राजेश अपने कमरे में सो रहा था और उसका बेटा स्कूल से वापस आया था। हत्या करने के बाद बदमाश घर से जेवरात व एक लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए थे। घर के बाकी लोग जब शाम को लौटे तो उन्होंने मृदुला को खून में लथपथ पाया। राजेश और अंकित के शव दो कमरों में पड़े थे।
