
नई दिल्ली। तिलक नगर थाना क्षेत्र के तिलक विहार में बृहस्पतिवार को दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद शुक्रवार को भी इलाके में तनाव व्याप्त रहा। पुलिस के आला अधिकारी व राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने दोनों समुदायों को शांत करवाने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। इलाके में कायम तनाव को देखते हुए कॉलोनी की मुख्य सड़कों की बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
उधर, गोली लगने से घायल चार लोगों में से तीन को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। जबकि एक की हालत अभी नाजुक बनी हुई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक पुलिस ने इस बाबत तिलक नगर थाने में दंगा भड़काने, अवैध हथियार का प्रयोग करने और सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया है।
वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने भीड़ को काबू पाने के लिए उन पर गोली चलाई है। जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंगाइयों की ओर से अवैध हथियार से गोली चलाई गई है। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि जिन लोगों को गोली लगी है। वह किस हथियार से चलाए गए हैं। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता बृहस्पतिवार रात से ही इलाके में कायम तनाव को कम करने के उद्देश्य से लोगों को समझाने के काम में जुटे थे। शुक्रवार शाम एक समुदाय के लोगों ने तिलक विहार गुरुद्वारा में बैठक भी की। हालांकि बैठक बेनतीजा रही। पुलिस के करीब तीन सौ जवान के अलावा सीआरपीएफ की दो और जीआरपी की एक कंपनी हालात पर नजर बनाए हुए है।
क्या था मामला
पंद्रह अगस्त को तिलक विहार में दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि एक युवक की बाइक दूसरे युवक के पैर पर चढ़ गई। इस बात को लेकर पहले झगड़ा शुरू हुआ और बाद में इस मुद्दे में दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। वहीं, एक पक्ष का आरोप है कि युवक बाइक से स्टंट कर रहा था। जिसे रोकने पर दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए। झड़प की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। लेकिन दोनों पक्षों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। फिर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। भारी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से लोग उग्र हो गए और करीब आधा दर्जन वाहनों को आग के हवाले कर दिया और लगभग एक दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और उग्र हो रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। घटना में पांच पुलिसकर्मियों समेत 31 लोग घायल हो गए। जिसमें से चार लोगों को गोली लगी थी।
