
रोहडू। वन संपदा को खोदकर अवैध रूप से प्राकृतिक जड़ी बूटियों का दोहन निरंतर जारी है। दो माह में पुलिस ने तीन बार नागछतरी की खेप को पकड़ने में सफलता तो प्राप्त की है, लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि कौन लोग नगछतरी की तस्करी से जुड़े हैं? कहां से नागछतरी की खेप लाई जा रही है? चिड़गांव पुलिस ने बीते दो माह में नाके के दौरान तीन बार नागछतरी की खेप पकड़ी है। पुलिस ने अब तक कुल 1093 किलो नागछतरी पकड़ी है। इसी वर्ष 23 मई को पुलिस ने 59 किलो नागछतरी के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। 14 जून को 97 किलो नागछतरी के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। 6 जुलाई को 937 किलो नागछतरी के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा। नागछतरी की खेप दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार की ओर से लाई जा रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दूरदराज क्षेत्रों के ग्रामीण धन कमाने के लालच में जंगलों में वन संपदा को खोदकर नागछतरी निकालते हैं। तस्करी से जुड़े लोग गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से नागछतरी दो हजार से ढाई हजार रुपये प्रति किलो तक की कीमत देकर खरीदते हैं। बाद में इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब तीन गुना से अधिक दामों पर बेचा जाता है। हालांकि, पुलिस पकड़े गए तस्करों से पूछताछ तो कर रही है लेकिन अभी तक पूरी जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाई है। पुलिस थाना प्रभारी चिड़गांव चंद्रशेखर ने बताया कि क्षेत्र में नागछतरी की तस्करी भारी मात्रा में की जा रही है। तस्करों को पकड़ने के लिए रोजाना जगह-जगह नाके लगाए जा रहे हैं। तस्करी के तार कहां तक जुडे़ हैं तथा कौन लोग नागछतरी की तस्करी कर रहे हैं, इसकी छानबीन की जा रही है। डीएसपी रोहडू राजकुमार चंदेल ने बताया कि नागछतरी की तस्करी रोकने के लिए पुलिस के जवान दिन-रात नाका लगाकर तैनात रहते हैं। चिड़गांव क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी नाके लगाए जा रहे हैं।
