तबाही मचा सकता है यमुना का पानी !

रादौर: हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए 1 लाख 72 हजार क्यूसिक पानी से रादौर के जठलाना शेत्र में यमुना से सटे किसानों व ग्रामीणों की नींद उडा दी है। यमुना नदी में उफान आने के बाद ग्रामीण पूरी तरह से सहमे हुए है। लेकिन प्रशासन द्वारा किएं जा रहे बाढ़ बचाव कार्य ग्रामीणों व किसानों को सतुंष्ट नहीं कर पाएं है। प्रशासन के बाढ़ बचाव कार्यो को देखकर किसानों को अपनी बर्बादी साफ दिखाई दे रही है।

प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव को लेकर किए जा रहे पुख्ता प्रबंध के दावे तो किए जा रहे है लेकिन केवल मिट्टी के कट्टों के सहारे यमुना के पानी को रोके जाने का विफल प्रयास प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से यमुना के किनारो पर लगाएं जा रहे यह कट्टे मौके पर धराशाही होकर यमुनानदी में ही समा रहे है। मौके की स्थिति को देखकर यह अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है कि प्रशासन किसानों व ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर कितना मुस्तैद है।

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