
ऊना। जिला स्तरीय शिकायत निवारण कमेटी की बैठक में हंबोली के पंचायत घर को जलाकर राख किए जाने का मसला खूब गरमाया। हंबोली के उपप्रधान राकेश कुमार लट्ठ ने यह मसला उठाते हुए आरोप लगाया कि इस पंचायत घर को पेट्रोल छिड़कने के बाद आग लगाई गई थी। पुलिस छानबीन में ऐसे साक्ष्य मिले हैं। पंचायत घर के साथ पंचायत का सारा रिकार्ड भी जल गया। अब लोगों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। न तो रिकार्ड किसी सरकारी दफ्तर में मिल रहा है, न अस्पताल और न ही जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय में।
उपप्रधान ने कहा कि कई बेरोजगार नौकरी के लिए विदेश जाना चाहते हैं। बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाना चाहते हैं। कई तरह के भूमि विवादों में भी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही है। अब रिकार्ड ही नहीं है तो लोग कैसे विदेश जाएं और कैसे बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाएं? उप प्रधान ने यह भी राय दी कि पिछले दस वर्ष का जन्म रिकार्ड मिल सकता है। यह आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलाें से लिया जा सकता है। यह मसला विधायक कुलदीप कुमार ने विधानसभा में भी उठाया था। उपप्रधान के प्रश्न पर जिला पंचायत अधिकारी कुसुम शर्मा ने जवाब दिया कि अस्पताल से लेकर अपने तथा अन्य सरकारी दफ्तरों में हंबोली का रिकार्ड ढूंढा, लेकिन नहीं मिला। 1975 से पहले जन्म एवं मृत्यु रिकार्ड की एक प्रति डीसी आफिस और एक सीएमओ कार्यालय में जाती थी। वहां भी अब वह रिकार्ड नहीं मिल रहा है। उपप्रधान ने कहा कि जब वे समस्या लेकर तहसीलदार कार्यालय में जाते हैं तो वहां कहा जा रहा है कि जिस बच्चे का कहीं पंजीकरण नहीं है, उसका बर्थ सर्टिफिकेट तो एफिडेविट लेने के बाद जारी किया जा सकता है। लेकिन अन्य केसों में यह संभव नहीं है। उद्योग मंत्री ने सीएमओ जीआर कौशल को एक टीम गठित कर हंबोली का दौरा करने को कहा है। टीम हंबोली में सर्वे करेगी। इस समस्या के समाधान के लिए टीम लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास करेगी।
