डेपुटेशन पर संवर रहा बच्चों का भविष्य

मंडी। शिक्षा की तस्वीर कैसे बदलेगी, जब स्कूलों में गुरुजन ही न हों। जिले के शिक्षा खंड सराज-1 की राजकीय माध्यमिक पाठशाला खवलेच में कोई भी स्थायी सरकारी अध्यापक न होने से अभिभावक चिंतित हैं। स्कूल में डेपुटेशन पर ही शिक्षक आकर समस्त विषयों को पढ़ा रहे हैं। इससे अध्ययनरत छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अभिभावकों तथा स्कूल एसएमसी ने शिक्षकों की कमी पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अभिभावकों ने सरकार तथा विभाग से स्कूल में स्थायी तौर पर शिक्षकों की जल्द तैनाती करने की मांग की है। चेताया है कि यदि जल्द ऐसा नहीं किया गया तो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। स्कूल में स्थायी शिक्षकों की तैनाती को लेकर अभिभावक करीब डेढ़ माह पूर्व उपायुक्त मंडी से भी मिल चुके हैं। मगर न तो समस्या हल हुई और न ही अभिभावकों की चिंता कम हुई है। राजकीय माध्यमिक पाठशाला खवलेच की घोषणा 2011 में हुई थी। अप्रैल 2012 में स्कूल में कक्षाएं बैठा दी गईं। लेकिन सरकार तथा विभाग स्कूल में शिक्षकों की स्थायी तैनाती करना भूल गया। भाटकीधार से अध्यापक डेपुटेशन पर खवलेच स्कूल पहुंचकर बच्चाें को पढ़ा रहे हैं। मगर आज दिन तक स्थाई तौर पर अध्यापकों का प्रावधान नहीं किया जा सका है। स्कूल में एक भी विषय का अध्यापक स्थायी तौर पर नहीं है। एसएमसी प्रधान पूर्ण चंद, सदस्य प्रशोत्तम राम, डागू राम, फागनू राम आदि का कहना है कि अध्यापकों को डेपुटेशन पर भेजने से दोनाें जगह बच्चाें की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने चेताया है कि यदि स्कूल में जल्द रेगुलर बेस पर अध्यापकों की तैनाती नहीं हुई तो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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