डीयू में अशक्त छात्रों की पढ़ाई भी हाईटेक

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अशक्त छात्रों की पढ़ाई और भी हाईटेक होने वाली है। इन छात्रों को ऐसे सॉफ्टवेयर के जरिये पढ़ाया जाएगा जिससे वह अपने विषयों की बारीकियों को आसानी से समझ सकें। इसके लिए डीयू प्रशासन ने प्रत्येक कॉलेज को मैथ रीड, मैथ एमएल, वर्चुअल पेंसिल, मैथ प्लेयर और टेलर फ्रेम विद अर्थमैटिक खरीदने को कहा है। डीयू में अशक्त छात्रों (पीडब्लूडी – पर्सन विद डिसएबिलिट) के लिए चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई आसान होने जा रही है। खासकर गणित की पढ़ाई के लिए सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है। मैथ रीडर, वर्चुअल पेंसिल (टूल जिससे गणित की समस्याएं हल होती हैं), एबेकस और स्पर्श ज्यामितीय किट का प्रयोग पढ़ाई के लिए होगा। डीयू की रजिस्ट्रार अलका शर्मा ने कॉलेजों को दुर्बल दृष्टि वाले छात्रों के लिए बिल्डिंग मैथमेटिक्ल ऐबिलिटी (फाउंडेशन कोर्स) की रीमेडियल (सुधारात्मक) कक्षाओं के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा है। ऐसे अशक्त छात्र जिनको बिल्डिंग मैथमेटिकल ऐबिलिटी और साइंस एंड लाइफ फाउंडेशन कोर्स को पढ़ना संभव न हो उन्हें मैथमेटिकल एवेयरनेस व हिस्ट्री ऑफ साइंस वैकिल्पक कोर्स को ऑफर करना होगा। इतना ही सुनने में अक्षम छात्रों को डीयू के समान अवसर प्रकोष्ठ (ईओसी) के सहयोग से सांकेतिक भाषा दुभाषिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अशक्त छात्रों के लिए विशेष ओरिंएटेशन प्रोग्राम होंगे।

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