
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में आखिरी लिस्ट के दाखिलों का दौर बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। आखिरी लिस्ट के कारण जिन-जिन कॉलेजों में सीटें बची हैं, वहां सुबह से ही छात्रों की गहमागहमी रही। वहीं पांचवीं कट ऑफ लिस्ट में नहीं आ पाने के कारण कई छात्रों को निराशा भी हुई। जबकि कई ऐसे रहे जिसने लिए आखिरी लिस्ट उम्मीद लेकर आई। डीयू की यह अधिसूचित आखिरी कट ऑफ लिस्ट है। छात्र शनिवार तक दाखिला ले सकते हैं।
पांचवीं लिस्ट से छात्र उम्मीद कर रहे थे कि जिन कॉलेजों में दाखिले बंद हो गए हैं वहां गुंजाइश बन सकती है। ज्यादातर कॉमर्स और ईको में ही गुंजाइश बनी है लेकिन इन कोर्सेज की कट ऑफ में कोई खास गिरावट नहीं हुई है। वहीं जिन कॉलेजों में कुछ गिने-चुने कोर्सेज में ही जगह बची हुई है वहां भी बेहद मामूली गिरावट ही हुई है, जो कॉलेजों में दाखिले के लिए नाकाफी ही है। वहीं साइंस कोर्सेज में लगभग सभी कॉलेज में हाउसफुल का बोर्ड पहले ही टंग चुका था। दाखिले की आखिरी उम्मीद भी खत्म होने के बाद छात्रों ने अन्य बेहतर विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। ज्यादातर छात्रों का रुझान अब प्राइवेट संस्थानों और प्राइवेट नामी विश्वविद्यालय की ओर ही दिखाई दे रहा है। कॉलेजों के सामने अब रिजर्व कैटेगिरी की सीटों को भरने की परेशानी है, क्योंकि अभी भी काफी कॉलेजों में कोटे की सीटें खाली है जिनकी शनिवार तक भरने की उम्मीद कम ही है।
