डाक्टर साहब! अब नहीं चलेगी मनमर्जी

सोलन। अब डाक्टर साहब की मनमर्जी नहीं चलेगी। ओपीडी में हर हाल में चिकित्सक मिलेगा! ड्यूटी पर ही एक ही चिकित्सक है तो उसे ओपीडी में बैठने से पहले नौ बजे तक इंडोर राउंड पूरा करना होगा। वहीं डाक्टर क्यों ड्यूटी पर नहीं हैं? कब तक ओपीडी में पहुंचेगा? इस संबंध में ओपीडी के बाहर इलेक्ट्रानिक डिस्पले से रोगियों को सूचित किया जाएगा।
29 जून को ‘अमर उजाला’ की लाइव रिपोर्ट ‘डाक्टर साहब! मनमर्जी से करते हैं काम’…. छपने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है। इस रिपोर्ट में लोगों ने अपनी समस्याओं को अस्पताल प्रबंधन तक ‘अमर उजाला’ के माध्यम से पहुंचाया था। शनिवार शाम को आपातकाल बैठक करके चार तरह की व्यवस्था लागू करने के सीएमओ ने फरमान जारी किए हैं। सीएमओ सोलन डा शशिपाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सर्कुलर जारी किया जा चुका है। खबर छपने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आपात बैठक बुलाई थी। उन्होंने बताया कि बैठक में नए उपकरणों की डिमांड भी चिकित्सकों से ली गई है। जिसे पूरा करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।

निर्णय 01
एक ओपीडी में दो डाक्टरों की तैनाती होगी। अगर एक राउंड पर है या उसे कहीं जाना है तो विकल्प के रूप में दूसरा डाक्टर मरीजों की जांच करेगा। ओपीडी किसी सूरत में खाली नहीं रहेगी।

निर्णय 02
अगर एक ही डाक्टर ड्यूटी पर है, तो आधे घंटे पहले चिकित्सक को अस्पताल पहुंचना होगा। आधे घंटे के राउंड के बाद डाक्टर नौ बजे तक ओपीडी में बैठना होगा। शिकायत पर प्रबंधन नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करेगा।

निर्णय 03
अवकाश या कोर्ट केस होने की स्थिति में एक चिकित्सक की उपलब्धता ओपीडी में करवानी ही होगी। एमएस इसके लिए उत्तरदायी होगा। एक दिन पहले ही इसकी व्यवस्था की जाएगी। जिससे की मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

निर्णय 4
हर ओपीडी के बाहर इलेक्ट्रानिक डिस्पले लगाने का निर्णय लिया गया है। किस डाक्टर की ड्यूटी है? आपरेशन है तो कब तक डाक्टर ओपीडी में पहुंचेगा? यदि नहीं तो कौन सा चिकित्सक इलाज करेगा, इस सब की जानकारी रोगियों की इलेक्ट्रानिक बोर्ड के माध्यम से दी जाएगी।

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