ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करे सरकार

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मजदूर एकता यूनियन सीटू जिला कुल्लू कमेटी की बैठक जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 25 सितंबर को होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के संबंध में चर्चा की गई। राजेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र की यूपीए सरकार और प्रदेश की कांग्रेस सरकार की मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते श्रम कानूनों को निजी कंपनियों और ठेकेदारों के पक्ष में मोड़ा जा रहा है। इसके अलावा पक्की नौकरियों पर पाबंदी लगाकर ठेकेदारी प्रथा को लागू किया जा रहा है। पक्की किस्म के काम को भी ठेका मजदूरों से करवाया जा रहा है, जो कि कानूनन गलत है। श्रम कानूनों को लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारें कोई रुचि नहीं ले रही हैं। यूनियन कैच फैक्टरी में मजदूरों के तबादले के विरोध में हड़ताल और आंदोलन का समर्थन करती है। यूनियन ने सरकार से उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार 1993 के बाद लोक निर्माण विभाग में दैनिक भोगी मजदूरों को नियमित हुए आठ साल से अधिक हो गया है, उन्हें शीघ्र एरियर दिया जाए। इसके साथ ही अनुबंध कर्मचारियों की तरह दैनिक भोगी कर्मचारियों को भी छह वर्ष लगातार काम करने पर शीघ्र नियमित किया जाए। सरकार की ओर से देय दुर्घटना बीमा राशि कर्मचारियों की सामान्य मृत्यु होने पर देने की मांग की है। चौकीदारों को आठ घंटे का ड्यूटी समय दिया जाए। ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर लोक निर्माण विभाग का सारा काम विभाग द्वारा किया जाना चाहिए।

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