
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। तिनन घाटी के गौंधला हेलीपैड के लिए ट्रायल फ्लाइट न होने से भाजयुमो जिला लाहौल-स्पीति ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भाजयुमो ने सरकार और जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर गौंधला हेलीपैड के लिए ट्रायल फ्लाइट की उड़ान नहीं करवाई गई तो भाजयुमो नेता और कार्यकर्ता कुल्लू में क्रमिक अनशन पर बैठ जाएंगे। गौंधला हेलीपैड के लिए लायजन अधिकारी की नियुक्ति किए जाने के बाद पांच बच्चाें सहित 43 लोग उड़ान के इंतजार में बैठे हैं। 22 फरवरी, 2012 को गौंधला हेलीपैड के लिए पहली ट्रायल फ्लाइट की गई थी, लेकिन कुछ खामियों के चलते नियमित उड़ान नहीं हो सकी। वर्ष 2013 में दूसरी बार फिर हेलीकाप्टर की ट्रायल उड़ान हुई। उसके बाद हेलीपैड में पाई गई कुछ खामियों को लोक निर्माण विभाग ने गर्मियों में दूर कर जिला प्रशासन को क्लीयरेंस की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी, लेकिन इस बार ट्रायल उड़ान को लेकर महज घोषणा ही हुई है। उन्होंने बताया कि गौंधला के लिए हेलीकाप्टर की उड़ान नहीं होने से गौंधला और खंगसर दो पंचायत के लोगों को आठ से बारह किलोमीटर सफर कर सिस्सू हेलीपैड से कुल्लू निकलना पड़ता है। गौंधला पंचायत के उपप्रधान सूरज ठाकुर और खंगसर पंचायत प्रधान सुंदर लाल ने बताया कि गौंधला हेलीपैड के लिए ट्रायल फ्लाइट नहीं होने से क्षेत्र के दो पंचायत के सैकड़ों लोगों में सरकार के प्रति भारी रोष है। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष एवं बीडीसी के चेयरमैन संजीव कुमार, उपाध्यक्ष राजेंद्र खिनाड़ू और भाजयुमो के जिला प्रवक्ता रमेश फारका ने बताया कि 27 फरवरी तक गौंधला हेलीपैड के लिए ट्रायल फ्लाइट नहीं की गई तो भाजयुमो जिला कुल्लू में क्रमिक अनशन पर बैठ जाएगी।
