टैक्सटाइल उद्योग खोलेगा रोजगार के द्वार

मैहतपुर (ऊना) । ऊना जिला में टैक्सटाइल पार्क स्थापित करने की सरकार की घोषणा के बाद इस जिला में टेक्सटाइल उद्योग के कोमा से बाहर आने की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार ने जिन 21 नए टेक्सटाइल पार्काें को विकसित करने की घोषणा की थी, उनमें ऊना जिला का नाम भी शुमार है। जिला के सरहदी औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में टेक्सटाइल के यूनिट 1985 में तत्कालीन उद्योगमंत्री विजय जोशी के प्रयासों से स्थापित हुए थे, लेकिन उस वक्त सरकारी उपेक्षा और इस प्रकार के उद्योगों को बाजार का मिलना और प्रोसेसिंग यूनिट के न होने से यह उद्योग जल्द ही कोमा में चले गए थे। तब से लेकर अब तक किसी भी सरकार ने इस उद्योग को कोमा से बाहर लाने के प्रयास नहीं किए। यही वजह रही कि सूबे में एक एक कर टेक्सटाइल उद्योग कुछ ही सालों बाद बीमार होकर दम तोड़ गए। सूत्रों के मुताबिक टेक्सटाइल पार्क की घोषणा ने इस उद्योग को दोबारा संजीवनी देकर जिंदा करने का जो निर्णय लिया है, यह न केवल इस उद्योग से जुड़े उद्यमियों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि इस कारोबार के कुशल एवं अकुशल कारीगरों के लिए भी रोजगार के दरवाजे खोलेगा। टेक्सटाइल यूनिट के साथ-साथ प्रोसेसिंग यूनिट, फर्निशिंग आदि के यूनिट भी स्थापित होेते हैं तो टेक्सटाइल उद्योग के दिन फिरने में देर नहीं लगेगी।

यह है टेक्सटाइल के उजड़ने की वजह
इस कारोबार से जुड़े उद्यमी राजेंद्र जोशी ने कहा कि जब तक टेक्सटाइल पार्काें में प्रोसेंसिग यूनिट स्थापित नहीं होते, तब तक इन पार्काें की कामयाबी पर संदेह ही रहेगा। इस उद्योग से जुड़ा कच्चा माल, प्रोसेसिंग आदि की सुविधा का अभाव ही इस प्रकार के उद्योगों की कामयाबी में रोड़ा बनता है। उद्यमी पंडित पीसी शर्मा, सीआर कौशल, विजय लॉ, रंजीत ऐरी, बलतेज इंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, अजय ठाकुर समेत कई अन्य उद्यमियों ने नए उद्योगों में सिंगल विंडो सुविधा का होना, लद्यु उद्योगों के लिए अलग नीति तय करना तथा टैक्स में ढील दिए जाने से सूबे में उद्योग की सेहत को सुधारा जा सकता है।

क्या कहते हैं जीएम
उद्योग विभाग के महाप्रंबधक सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार इस तरह के पार्काें को स्थापित कर क्षेत्र के हजारों बेरोजगारों को रोजगार के अवसर देगी। इसके साथ मृत उद्योगों को भी जिंदा करने के लिए प्रयास जारी हैं।

औद्योगिक विकास के प्रयास तेज
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल और केंद्र सरकार औद्योगिक विकास को लेकर संजीदा है। ऊना में टैक्सटाइल पार्क की स्थापना के साथ-साथ नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने की भी योजना है। हिमाचल सरकार का उद्योग स्थापित करने के लिए 90 दिन में फाइल क्लीयर करने का फैसला उद्योगपतियों को पसंद आ रहा है। हिमाचल में निवेश के लिए उद्योगपति आगे आ रहे हैं। इससे रोजगार के द्वार खुलेंगे और स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा।

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