
टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि उनका समूह अगले पांच वर्षों में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और संबंधित उद्योगों से जुड़े विनिर्माण क्षेत्र पांच लाख नौकरियां पैदा करेगा।
उन्होंने कहा, “… सेमीकंडक्टर में हमारे (टाटा समूह के) निवेश, प्रीसीजन मैन्यूफैक्चरिंग, असेंबली, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और संबंधित उद्योगों में हमारे निवेश के बीच, मुझे लगता है कि हम अगले पांच वर्षों में पांच लाख विनिर्माण नौकरियां पैदा करेंगे।”
असम में टाटा समूह के आगामी सेमीकंडक्टर संयंत्र और इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी के लिए अन्य नई विनिर्माण इकाइयों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हम कई संयंत्र स्थापित कर रहे हैं।”
हालांकि उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन चंद्रशेखरन ने कहा कि “बुनियादी गणित” के आधार पर, इन नौकरियों का कई गुना प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चूंकि पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित किया जाना है, इसलिए कम से कम 5 लाख कंपनियां- छोटी, मध्यम स्तर की कंपनियां भी पारिस्थितिकी तंत्र में आएंगी।
उन्होंने इन पहलों में सरकार के समर्थन की सराहना की और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “यदि हम विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां पैदा नहीं कर सकते तो हम विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सकते, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि हर महीने 10 लाख लोग कार्यबल में शामिल हो रहे हैं।”
चंद्रशेखरन ने आगे कहा, “हमें 10 करोड़ नौकरियां पैदा करने की जरूरत है।” उन्होंने नए युग के विनिर्माण जैसे सेमीकंडक्टर बनाने के महत्व पर जोर दिया, यह हर एक रोजगार के लिए आठ से दस अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करता है।
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