टमाटर की 50 फीसदी फसल तबाह

खराहल (कुल्लू)। जिले में नगदी फसलों पर मौसम की मार दिखने लगी है। सेब के बाद अब नगदी फसलें भी भी बीमारियों के चपेट में आई हैं। टमाटर के खेतों में अल्टरनेरिया रोग ने हमला बोल दिया है। बीमारी के प्रभाव से पौधों के पत्तों पर गहरे धब्बे चक्र बनकर उभर रहे हैं। यह पत्तों पर पीलापन लाते हैं। फलों पर भी ऐसे ही लक्षण आ हैं। पूरा पौधा विकसित होने से पहले ही तहस-नहर हो रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के कारण यह समस्या आ रही है। जिले में टमाटर की खेती करीब 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है। सैकड़ों किसान टमाटर की फसल पर निर्भर है। इसी से उनके परिवार की गुजर बसर होती है। हालांकि इस बार टमाटर के बेहतर दाम मिलने किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हुई है। लेकिन मौसम के बदलाव से टमाटर की 50 फीसदी फसल तबाह हो गई है। किसानों का कहना है कि बीमारी ने पूरे के पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया है। बजौरा, भुंतर, सेऊबाग, नेऊली, गाहर, घराकड़, सेऊवाग और थरमाण क्षेत्रों में इस बीमारी का प्रकोप अधिक देखने को मिल रहा है। किसान अमित ठाकुर, राजकुमार, तारा चंद, रोशन, लाल चंद विकास ज्ञान ठाकुर, रूप सिंह ने कहा कि बीमारी की चपेट में आने से कई बीघा भूमि में टमाटर के पौधों को नुकसान हुआ है।
पौधों पर दवाई का छिड़काव
नग्गर ब्लॉक कृषि वैज्ञानिक डा. अनिल कुमार ने कहा कि पौधों पर आठ से दस दिन के अंतराल में ऑक्सीकलोराइड या ब्लाईटाक्स 30 ग्राम प्रति दस लीटर पानी या रिडोमिल जड-78 25 ग्राम दस लीटर पानी में घोल बनाकर या मेनकोजेब 25 ग्राम 10 लीटर पानी में मिलकार छिड़काव पौधों पर करें।

रोग के लिए दवाइयां हैं उपलब्ध
बरसात अधिक होने से टमाटर की फसल हो यह रोग लग रहा है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। विभाग के पास तमाम दवाइयां उपलब्ध हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान, कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें।
डा. बीएल शर्मा, उपनिदेशक कृषि विभाग कुल्लू

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