
सैंज (कुल्लू)। पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण तीन को एक और झटका लग गया। सियूंड में बन रहे डैम की डाइवर्सन टनल का गेट शनिवार को टूट गया। टनल के गेट के टूटने के कारणों का अभी कंपनी स्तर पर खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन टनल का गेट टूटने से करीब दो करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ सपागणी के पास एक अन्य टनल से पानी के रिसाव से लोगों में दहशत बनी हुई है। शनिवार को ल्हासा गिरने से सैंज-औट मार्ग भी पूरा दिन बंद रहा है। लोगों का दावा है कि यह ल्हासा पानी के रिसाव के चलते ही गिरा है। हालांकि कंपनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि टनल से पानी का रिसाव नहीं हो रहा है। कंपनी का तर्क है कि सूख चुके जलस्रोतों में बरसात के चलते अचानक पानी भरने से यह स्थिति बनी है।
दूसरी तरफ गेट टूटने के मामले को लेकर एनएचपीसी के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। शनिवार सुबह करीब दस बजे एनएचपीसी चरण तीन के सियूंड में बन रहे डैम की डाइवर्सन टनल का गेट टू गया। लोगों का कहना है कि हादसा सही रखरखाव न होने के कारण हुआ। सपागणी के पास सैंज-औट मार्ग पर मलबा और पानी आने से सुबह 5 से लेकर शाम पांच बजे तक यातायात ठप रहा। स्थानीय निवासी सुरेश शर्मा, परस राम, चुन्नी लाल, रमेश कुमार और बाल कृष्ण ने बताया कि दिनभर मार्ग बंद रहने से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ी हैं। एनएचपी तीन के महाप्रबंधक एके त्रिखा ने बताया कि इस संबंध में बैठक की जा रही है। मामले की छानबीन होगी।
मामले की जांच करवाए प्रशासन
सैंज। सीटू के सैंज इकाई के अध्यक्ष जसवंत नेगी, नेत्र सिंह, जनवादी सभा के नारायण चौहान का आरोप है कि टनल के गेट टूटने के निर्माण सामग्री मुख्य कारण है। एनएचपीसी में हाल ही में सीमेंट के 300 ट्रकों का घोटाला भी सामने आया था। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है।
