
सोलन। शहर में स्वच्छता अभियान की पोल खुलती नजर आ रही है। शहर में सफाई का आलम वही है, जहां से शुरू हुआ था। अभी भी शहर में जगह-जगह पर कूडे़ ढेर लगे हुए हैं। मंत्री धनी राम शांडिल और जिला प्रशासन के प्रयासों के बावजूद सोलन में सफाई अभियान को तवज्जो नहीं दी जा रही है।
सोलन के मालरोड के डीसी चौक से कुछ दूरी पर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक गंदगी का आलम दिखा। पर्यटक, स्थानीय लोगों और कारोबारियों के लिए यह स्थिति परेशान करने वाली रही। शहर के वरिष्ठ नागरिक रमेश पठानिया, देवेंद्र शर्मा, साजू राम, उपेंद्र सिंह, मनवीर मेहता, सोम प्रकाश शमा और हरिमोहन का कहना है कि अभियान की शुरूआत माल रोड सोलन से ही हुई थी, लेकिन आज वहीं पर सबसे अधिक गंदगी देखने को मिलती है। जिला प्रशासन और नगर परिषद को सफाई अभियान सुचारु रूप चलाने के लिए नियम बनाने चाहिए, लेकिन अभियान शुरू कर वाहवाही लूटी और अभियान बीच में छोड़ दिया गया। वहीं इस संबंध में नगर परिषद अध्यक्ष कुलराकेश पंत ने कहा कि इस संबंध में कर्मियों को साफ सफाई रखने के निर्देश किए जाएंगे। छोटे डंपर रखे जाएंगे। जल्द ही शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर होगी।
ऐसे में कहां पर फेंके कूड़ा?
नगर परिषद सोलन ने मालरोड को साफ सुथरा बनाने के लिए शहर से कूड़ादान डंपर उठा दिए हैं। रात आठ बजे के बाद सुबह नौ बजे कूड़ादान रखने का नियम बनाया। वहीं दिन के समय में कूड़ा जमा करने के लिए छोटे डंपर रखने की बात भी कही। परिषद ने दिन को डंपर तो उठा दिए लेकिन दिन में छोटे डंपर नहीं रखे। ऐसे में सफाई व्यवस्था ठप पड़ गई है।
