जोखिम उठाकर खेलते हैं बच्चे!

बिलासपुर। सदर खंड के अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला सीहड़ा में बच्चे जोखिम उठाकर खेलने को विवश हैं। किसी भी समय कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्कूल में चार दीवारी नहीं होने से यहां खतरा बना हुआ है। जिस हिस्से में बच्चे खेलते हैं, वहां दीवार नहीं है।
सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन, सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे उस समय खोखले साबित हो जाते हैं। जब प्राथमिक स्कूल सीहड़ा के बच्चों को मैदान में खेलते हुए देखा जाता है। स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल के खेल मैदान में खेलते हैं। स्कूल के खेल मैदान में अभी तक चारदीवारी नहीं लग पाई है। इसके चलते बच्चों के अभिभावकों को भी अपने बच्चों की चिंता सताए रहती है। प्राथमिक पाठशाला सीहड़ा में खेल का मैदान बेहद छोटा है। मैदान में चारदीवारी भी नहीं है। जबकि उससे नीचे की ओर सीधी ढांक है। ऐसे में खेलते समय बच्चों के ढांक से नीचे गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। स्कूल में चारदीवारी नहीं होना बड़े हादसे को न्यौता दे रहा है। वहीं, सब कुछ देखने के बावजूद भी शिक्षा विभाग द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इस बारे में शिक्षा उप निदेशक प्रीतम सिंह ढटवालिया ने कहा कि स्कूल में चारदीवारी लगाने के लिए बजट का प्रावधान है। इसके लिए एसएमसी द्वारा प्रस्ताव भेजा जाए तो बजट का प्रावधान किया जाएगा।
उधर, इस बारे में सीहड़ा पंचायत के प्रधान रूपलाल ठाकुर ने कहा कि जल्द ही एसएमसी के माध्यम से चारदीवारी के बजट के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति को भेजा जाएगा।

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