जिले के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट

काईस (कुल्लू)। भारी बारिश से कुल्लू जिले में पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांवों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। लोग नदी नालों का पानी पीने को मजबूर हैं। हालांकि आईपीएच महकमे ने योजनाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर रखा है लेकिन बीच-बीच में हो रही बारिश से रिपेयर का काम बाधित हो रहा है। इसके अलावा बजट की कमी भी दिक्कत पैदा कर रही है। इस वर्ष आईपीएच को योजनाएं दुरुस्त करवाने के लिए 61 लाख 50 हजार का बजट मिला है। वहीं बारिश से हुई क्षति करोड़ों में है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में 460 पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को क्षति पहुंची है। कई स्कीमों को आंशिक नुकसान हुआ है वहीं कुछ योजनाएं पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी हैं। जिले में आईपीएच को अब तक 17,44, 25,000 रुपये की
चपत लग चुकी है। योजनाओं के ध्वस्त होने से कुल्लू जिले के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
बजट के अभाव में स्कीमों को दुरुस्त करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्त पड़ी पेयजल योजनाओं को अस्थाई रूप से जोड़ दिया है। जिले के बंजार, लारजी और आनी के कई गांवों में भारी बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सराज पंचायत, पील पंचायत और बल्ह पंचायत के अनेक गांवों में पेयजल स्कीमों को नुकसान पहुंचा है। मोहनी खड़ा गाढ़, खाबल, तांदी, चैहणी, मशियार, कलवारी, शिली, लोहाड़ा, श्रीकोट, शांगड़, शैशर, गाड़ापारली, लारजी और धामा में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। कई जगहों पर ग्रामीण नदी-नालों का पानी पीने को मजबूर हैं। इससे जल जनित रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। बारिश के कारण पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को खासी चपत लगी है।
आईपीएच के अधीक्षण अभियंता पीवी वैद्य ने कहा कि क्षतिग्रस्त पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं की रिपेयर करवाई जा रही है। ध्वस्त पड़ी पेयजल योजनाओं में अस्थाई रूप से पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और प्रदेश सरकार को भेजी है

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