
कुल्लू। कलाकेंद्र कुल्लू में चल रहे नौ दिवसीय नाट्य उत्सव कुल्लू रंग मेला के छठे दिन एक्टिव मोनाल कल्चरल संस्था के कलाकारों ने हास्य नाटक आत्महत्या की दुकान का मंचन किया। आशा वर्मा के लिखित तथा केहर सिंह ठाकुर के निर्देशित इस नाटक के जरिये समाज की विसंगतियों को कुशलता के साथ सामने रखा।
मानव जीवन को झकझोर देने वाले नाटक के नायक अटपटे लाल उर्फ एटीपी ने आत्महत्या की दुकान खोल रखी होती है। दुकान में जो ग्राहक आते हैं वे समाज और देश में व्याप्त अनेक विकृतियों के शिकार हैं। दहेज की समस्या के साथ अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों की इच्छाएं पूरी नहीं होती हैं। एक अधेड़ पिता अपनी पुत्री की दहेज की समस्या लेकर आता है कि मेरी लड़की की शादी के लिए उसके ससुराल वाले जो दहेज मांग रहे हैं वह उसे देने में असमर्थ है। अगर मैं मर जाऊं तो सरकार से ग्रुप इंश्योरेंस के 80 हजार रुपये मिलेंगे, जिस रकम से मेरी लड़की की शादी आसानी से हो जाएगी। इसलिए मेरा मरना जरूरी है।
दुकान मालिक अटपटे लाल समस्या को जानकर उन्हें जीने का नया रास्ता बताता है। इस प्रकार यह नाटक समाज में फैली निराशाजनक स्थिति का परिचय समाज को करवाता है। हास्य व्यंग्य से भरपूर इस नाटक ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दुकान के मालिक अटपटे लाल की भूमिका में जहां केहर सिंह ठाकुर ने लोगों को खूब हंसाया, वहीं उसकी पत्नी के रूप में मीनाक्षी ने बखूबी साथ दिया। डौली की भूमिका डिंपल ने तथा अधेड़ लड़की की भूमिका आरती और लड़के का किरदार श्याम ने निभाया है। पिता की भूमिका में भूषण देव और कवि शास्वत के रूप में दीन दयाल ने अपने दमदार अभिनय से लोगों को मनोरंजन किया। मजनू को रोल टेक चंद, सिपाही का लेख राज तथा दरोगा के रूप में जीवानंद ने अभिनय कर वाहवाही लूटी।
