
नई दिल्ली। डिफेंस कालोनी गैंगरेप मामले में पीड़िता के बयान के मद्देनजर पांचों आरोपी छात्रों को बरी कर दिया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया। डिफेंस कालोनी पुलिस ने नवंबर 2012 में जामिया विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई कर रहे पांच छात्रों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पोक्सो समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था।
साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुलशन कुमार ने आरोपी पुलकित चौधरी, अमनदीप कादियान, शरद शेखर तोमर, रूपेंशू प्रताप सिंह व विकास पुनिया को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, बंधक बनाने और भेष बदलकर धोखा देने के आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने आरोपियों को पोक्सो के आरोपों से भी बरी कर दिया है। पीड़िता के परिजनों ने 15 सितंबर 2012 को उसकी गुमशुदगी की शिकायत डिफेंस कालोनी थाने में दी थी। उस समय पीड़िता ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस ने शुरुआत में अपहरण का मामला दर्ज किया था लेकिन पीड़िता के 27 नवंबर को बरामद होने के बाद सामूहिक दुष्कर्म व संबंधित धाराएं जोड़ दी गई थीं। परंतु मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया। उसने आरोपियाें को पहचानने से ही इंकार कर दिया। उसने कहा कि उससे दुष्कर्म करने वाले अदालत में नहीं हैं।
