जान पर खेलकर बचाई विदेशी की जान

ऋषिकेश। मानवीय संवेदना का जीता जागता नजारा उस वक्त देखने को मिला जब गरुड़चट्टी के समीप हुए हादसे में गंगा में कार गिरने से चोटिल होकर पानी के तेज बहाव में आकर डूब रहे विदेशी पर्यटक को स्थानीय राफ्टिंग गाइड मुकेश जोशी ने जान पर खेलकर बचा लिया।
सही मायने में इस घटना में चौदहबीघा, मुनिकीरेती निवासी मुकेश हीरो ऑफ दे डे साबित हुए। बकौल मुकेश, मंगलवार पूर्वाह्न जिस वक्त नीलकंठ-पीपलकोटी मार्ग पर कार अनियंत्रित होकर गंगा में गिरी, उस समय वह गंगा पार ब्रह्मपुरी क्षेत्र में पर्यटकों को रीवर राफ्टिंग करा रहे थे। इसी बीच सामने दुर्घटना होते देख राफ्ट को किनारे लगाया और पानी के तेज बहाव की परवाह किए बिना डूब रहे विदेशी को बचाने चल दिया। जलधारा के उफनने से उन्हें दिक्कत भी हुई, लेकिन उस समय लक्ष्य था किसी तरह डूब रहे व्यक्ति को बचाना है। निडर राफ्टिंग गाइड ने तेज जलधारा को चुनौती देते हुए विदेशी को पानी से सकुशल बाहर निकाल लिया। उनके इस साहस की मौके पर मौजूद पुलिस और स्थानीय लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। मगर, मुकेश को इस बात का मलाल है कि वह महिला को नहीं बचा सके।
फोटो फाइल नेम-06

पैराफिट बने होते तो नहीं होता हादसा
ऋषिकेश। नीलकंठ-पीपलकोटी मार्ग पर हादसों की रोकथाम के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऊपर से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त मार्ग और एक छोर पर गहरी खाई है। मार्ग किनारे पैराफिट बने होते तो मंगलवार पूर्वाह्न विदेशी दंपति की कार संभवत: गंगा में गिरने से बच सकती थी। पांचवें धाम के रूप में विख्यात पौराणिक नीलकंठ महादेव जाने वाली सड़क बदहाल है। मरम्मत के अभाव में सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं। सबसे बड़ी बात यह कि सड़क के एक छोर के किनारे गंगा बह रही है, किसी वाहन का संतुलन बिगड़ा तो वह सीधे गंगा में ही गिरेगा। नगर पंचायत जौंक स्वर्गाश्रम के सभासद रणवीर सिंह नेगी, गजेंद्र नागर, गुरुपाल बतरा, त्रिवेंद्र नेगी ने बताया कि पैराफिट के अभाव में मार्ग पर सफर जोखिमभरा है। थोड़ी सी लापरवाही जान जोखिम में डाल सकती है। खासकर गरुड़चट्टी पुल से फूलचट्टी तक। संभावित दुर्घटना की रोकथाम के लिए मार्ग किनारे पैराफिट का निर्माण होना चाहिए। इस बाबत पीडब्लूडी के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

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