
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश सामान्य वर्ग कर्मचारी कल्याण महासंघ की बैठक में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग प्रमुखता के उठी। निरंतर बढ़ते जा रहे आरक्षण के दायरे को लेकर भी चिंता जताई गई। सामान्य वर्ग कर्मचारी कल्याण महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक हमीरपुर के एनजीओ भवन में प्रदेशाध्यक्ष भगत राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई।
महासंघ के मुख्य संरक्षक राकेश भारद्वाज ने कहा कि जातिगत आरक्षण समाज के लिए कैंसर है। अब निजी क्षेत्र को भी संक्रमित करने की तैयारी में है। जातिगत आरक्षण का लाभ पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षित वर्ग के धनी लोग ही उठा रहे हैं। आरक्षित वर्ग के गरीबों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। यदि आरक्षण आर्थिक आधार पर पिछडे़ परिवार को दिया जाए तो लाभ सभी जातियों के गरीब लोगों को मिलेगा, जात-पात की खाई भी समाप्त होगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि अमेरिका में भी आरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन एक बार आरक्षण का लाभ लेने के पश्चात वह परिवार अनारक्षित हो जाता है।
प्रदेशाध्यक्ष भगत राम ठाकुर ने कहा कि अदालतों की ओर से संविधान की व्याख्या के साथ बार-बार दोहराया जा रहा है कि पदोन्नतियों में आरक्षण असंवैधानिक है। एम नागराज बनाम भारत सरकार मामले में स्पष्ट व्यवस्था दी है, अर्थात राज्य सरकारें आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि महासंघ ने हाई पावर कमेटी के समक्ष अपना पक्ष सही प्रकार से रखा है। समस्त जिलाध्यक्षों से शीघ्र अपने जिलों में संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए तथा एक माह के भीतर-भीतर जिला हमीरपुर की तरह बैठक का आयोजन कर सबको जागरूक करने के निर्देश दिए। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 325 प्रतिनिधियों तथा सचिवालय सामान्य वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भाग लिया। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र शर्मा, अनिल कुमार, प्रेम प्रकाश वर्मा, प्रेस सचिव जीआर भारद्वाज उपस्थित थे। ब्राह्मण सभा से सीता राम शर्मा ने भी बैठक में भाग लिया। महासंघ के महासचिव भूतेश्वर चौहान ने बैठक में उपस्थित सदस्यों का आभार जताया। बालक राम चंदेल ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया।
