
औरैया। खून पसीने की पाई-पाई जमा कर बैंक में भोले भाले किसानोें ने अपने भविष्य के लिए जमा कर रखी थी। पर उन्हें क्या पता था कि बैंक अधिकारी ही चोर बनकर रकम हड़प लेंगे। आठ माह में किसानों की 1.05 करोड़ रुपए की धनराशि हड़प ली गई। वैसे इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर हैड कैशियर को जेल भेज दिया गया लेकिन किसानों को अब तक उनकी धनराशि वापसी नहीं मिली। जांच प्रक्रिया जारी है, इसके तहत दो-एक रोज में विजिलेंस की टीम एक बार फिर बैंक के रिकार्ड खंगालने आ रही है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मिहौली में किसानों के रुपए हड़पने का खेल जुलाई 2011 से शुरू हुआ। इसके बाद यह मामला मई 2012 में प्रकाश में आया। इस बीच लगभग 370 किसानों के खाते से 1 करोड़ 5 लाख रुपए की धनराशि हड़प कर ली गई थी। जांच में शाखा के हैड कैशियर गंगा सिंह भारतीय के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर जेल भी भेजा गया तो पूरे मामले की जांच विजिलेंस टीम को सौंपी गई। टीम के प्रभारी एके कोडा अब तक दो बार बैंक शाखा में आकर रिकार्ड खंगाल चुके हैं। 325 खाताधारकों के खातों से धनराशि हड़प लेने की पुष्टि भी हो चुकी है। अब दो-एक रोज में श्री कोडा की टीम एक बार फिर बैंक शाखा के अभिलेखों को खंगालने आ रही है। बैंक के सूत्रों की माने तो पूरे मामले में हैड कैशियर के साथ ही साथ तत्कालीन शाखा प्रबंधक की भी संलिप्तता भी संभव है। किसानों के धन की वापसी को लेकर सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एके बिष्ट कहते हैं कि जांच प्रक्रिया जारी है, जांच पूरी होने के बाद ही किसानों को उनकी धनराशि का भुगतान किया जाना संभव हो सकेगा। इस कार्य में देरी भी लग सकती है।
