जमीन देने पर पंचायत प्रतिनिधियों की ना

मैहतपुर (ऊना)। लंबे अरसे से मैहतपुर पुलिस चौकी किराये के भवन में चल रही है। पुलिस महकमे की चौकी को भवन दिलाने की कवायद अभी तक सिरे नहीं चढ़ सकी है। पुलिस ने आसपास की ग्राम पंचायतों अथवा स्थानीय नगर पंचायत में जमीन को लेकर गुहार लगाई, तब-तब प्रतिनिधियों ने पुलिस महकमे को दूर से ही नमस्कार कर दिया है। मंडल कमीशन को लेकर भड़के आंदोलन के दौरान मुख्य बाजार में चल रही पुलिस चौकी आग की भेंट चढ़ गई थी। ऊना में तैनात रहे अब तक के तमाम पुलिस अधीक्षकों ने अपने स्तर पर इस दिशा में कई दफा प्रयास किए, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकारी जमीन पुलिस महकमे के नाम करने की हामी नहीं भरी। सूत्रों की मानें तो निर्माण के लिए तकरीबन 15 लाख रुपये की राशि कई साल पहले मंजूर हो चुकी है, लेकिन भूमि न मिलने से कुछ नहीं हो रहा है।

क्यों जमीन को राजी नहीं ग्राम पंचायतें
पंचायत प्रतिनिधियों का मानना है कि उनकी पंचायत में पुलिस चौकी भवन से चोरों, अपराधियों अथवा अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहेगा। इससे यहां का माहौल खराब हो सकता है। लिहाजा, सरकारी जमीन होते हुए भी कई पंचायतें पुलिस महकमे को जमीन नहीं देना चाहती।

क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक
जिला पुलिस अधीक्षक अनुपम शर्मा ने कहा कि जमीन के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। जमीन विभाग के नाम हस्तांतरित हो सके, इसकी कोशिश जारी है।

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