जमीन का रेट खुद तय करना चाहती है सरकार

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस से अनधिकृत कालोनी नियमन के वायदों का हिसाब पूछेगी। कांग्रेस उसमें अपना किरकिरी नहीं चाहती। इसलिए सरकारी भूमि पर बसी कालोनियों में जमीन की कीमत दिल्ली सरकार खुद तय करना चाहती है। इतना ही नहीं नियमित की गई कालोनी समेत सभी कालोनियों की बाउंड्री दोबारा से तय करने, जिस हाल में कालोनी है उसी हाल में लेआउट प्लान पास कराने के लिए नियमन दिशा निर्देश बदलने की रूपरेखा तैयार कर ली गई। जल्द ही ड्राफ्ट केंद्र सरकार को भेजकर उस पर मुहर लगवाई जाएगी।
दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 30 अप्रैल, 2013 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव डा. सुधीर कृष्णा को अनधिकृत कालोनियों के संबंध में जो पत्र लिखा था उसका जवाब हाल ही में मिल गया है। शहरी विकास मंत्रालय ने साफ कहा है कि, कालोनियों के नियमन, विकास कार्य, जमीन की खरीद-फरोख्त, लेआउट प्लान में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए जो कुछ दिल्ली सरकार चाहती है, उसे कानून की शक्ल में ड्राफ्ट करके भेजें।
सूत्रों के अनुसार, दूसरा बड़ा मामला लेआउट प्लान का है। क्योंकि अग्नि सुरक्षा के लिए जरूरी छह मीटर रोड व मास्टर प्लान में कम से कम 32 मीटर के प्लाट के मानक का प्रावधान बदलना जरूरी है। इसके लिए केंद्र सरकार से मास्टर प्लान व नियमन के दिशा निर्देश में बदलाव की जरूरत बताई गई है।

फिर से तय होगी बाउंड्री
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने जो कानूनी ड्राफ्ट केंद्र सरकार को भेजने के लिए तैयार किया है उसमें सभी कालोनियों की बाउंड्री फिर से तय करने का मामला प्रमुख है। तर्क दिया है कि अभी बाउंड्री कागजी है। जिसे लेकर एमसीडी, राजस्व विभाग आपत्ति दर्ज करा चुका है। बाउंड्री जमीन पर तय करने के लिए दिल्ली सरकार, एमसीडी व डीडीए की टीम लगेगी।

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