जब साहबों की ड्यूटी खत्म तो खनन शुरू

हमीरपुर। खनन माफिया ने जिले की समस्त खड्डों-नालों और ब्यास नदी का छीना छलनी किया है। अधिकारियों की नजर से बचने के लिए माफिया ने तोड़ ढूंढ निकाला है। अब खनन माफिया सुबह और शाम को ही खनन को अंजाम दे रहा है। हालांकि कई स्थानों पर दिन को भी खनन किया जा रहा है। अधिकारियों की ड्यूटी से पहले और ड्यूटी खत्म होने के बाद खनन किया जा रहा है। माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि न्यायालय के क्या आदेश हैं। न्यायालय ने खनन पर प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके जिले में खनन बेधड़क हो रहा है।

किसी का डर नहीं
नादौन, ब्यास नदी का किनारा। समय 9:02 बजे। दो ट्रैक्टर धड़ल्ले से पत्थर भर रहे हैं। काम करने के अंदाज से जाना जा सकता है कि कोई डर नहीं है। दोपहर 1:31 बजे भी यही नजारा देखने को मिला। पूरा दिन क्रम बदस्तूर जारी रहता है। किसी के पहुंचने का डर नहीं, एक आध बार पकड़े भी गए तो जुर्माना भरकर छूट जाएंगे। दोबारा निरीक्षण के लिए न जाने कब नंबर आएगा।
सीर से बेखौफ लोड हो रहे ट्रैक्टर
सीर खड्ड, समय सुबह साढ़े 6 बजे। ट्रैक्टर सुबह सवेरे ही खड्ड से सामग्री लेने के लिए पहुंच गया। बेधड़क होकर ट्रैक्टर रेतबजरी भरकर निकल जाता है। न तो न्यायालय के आदेशों की परवाह है और न ही संबंधित विभाग का कोई डर।
कुणाह खड्ड में भी खनन
स्थान कुणाह खड्ड। शाम 3:43 बजे। ट्रैक्टर चालक कुणाह खड्ड में अवैध रूप से सामग्री भरकर ले जा रहा है। जिला के अंतर्गत अन्य खड्डों में भी अमूमन यही स्थिति देखने को मिल रही है। बिझड़ी, बड़सर क्षेत्रों में भी अवैध रूप से खनन का क्रम निरंतर जारी है। बिझड़ी के समीप तो बाकायदा खनन के लिए मजदूर लगा रखे हैं, जो सामग्री एकत्रित करते रहते हैं। प्रवासियों ने अपने बच्चों को भी साथ में काम पर लगा रखा है।

स्थानीय लोग समय-समय पर अवैध खनन, खनन की अनुमति देने के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं लेकिन प्रशासन के लिए अवैध खनन पर अंकुश लगा पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

अवैध खननकारियों पर समय-समय पर शिकंजा कसा जाता है। विभाग विशेष अभियान शुरू कर रहा है। कोई भी चालक अवैध खनन करता धरा जाता है तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। समस्त खड्डों में खनन पर प्रतिबंध है।
-राजीव कालिया, खनन अधिकारी, हमीरपुर

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